शुरू में नूडल्स खाते हुए वह शख्स शांत लग रहा था, लेकिन दीवार पर लगी तस्वीरों ने सब बदल दिया। जब वह डार्ट फेंकता है, तो लगता है कि बदले की आग सुलग रही है। दीवार के पार दुश्मन में यह तनाव बहुत गहरा है। सूट वाला नेता जब कमरे में आता है, तो हवा का रुख बदल जाता है। माहौल में डर साफ झलकता है। हर पल संदेह बना रहता है। देखने वाले की सांसें रुक जाती हैं।
कमरे की गंदगी और सिगरेट के टुकड़े उस शख्स की मानसिक स्थिति बता रहे हैं। वह अकेलापन और गुस्सा साफ दिख रहा था। दीवार के पार दुश्मन की कहानी में यह जगह बहुत अहम किरदार निभाती है। जब गुंडे आए, तो लगा अब बचा नहीं जाएगा। चाकू की नोक पर सवाल पूछना खतरनाक खेल है। जान का खतरा साफ था। कोई रास्ता नहीं बचा।
व्हीलचेयर वाली तस्वीर पर वार करना मतलब सीधा चुनौती देना। सूट वाले शख्स की एंट्री बहुत दबदबे वाली थी। उसके पीछे खड़े लोग भी कम खतरनाक नहीं लग रहे थे। दीवार के पार दुश्मन में एक्शन से ज्यादा डर का माहौल बनाया गया है। लंबे बालों वाले शख्स की बेबसी देखकर दिल दहल गया। बहुत बुरा लगा। सब हैरान थे।
जिस तरह से उसे पकड़कर जमीन पर गिराया गया, वह सीन बहुत रियल लगा। चीखें और दर्द साफ महसूस हो रहा था। दीवार के पार दुश्मन में इमोशनल ड्रामा बहुत तेज है। सूट वाला नेता बिना बोले ही सब कुछ कंट्रोल कर रहा था। उसकी आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। कोई नहीं बच सकता। ताकत का खेल था।
तस्वीरों वाले बोर्ड से लगता है कि कोई बड़ी साजिश चल रही है। लंबे बालों वाला शख्स शायद किसी से बदला लेना चाहता था। दीवार के पार दुश्मन की प्लॉटिंग बहुत मजेदार है। जब चाकू निकला, तो सांसें रुक गईं। ऐसे थ्रिलर देखने का मजा ही अलग है। रोमांच बना रहे। दिल धड़कने लगा।
नूडल्स का कप गिरना और सब बिखर जाना जैसे उसकी जिंदगी का प्रतीक था। सूट वाले ग्रुप की एंट्री ने सन्नाटा तोड़ दिया। दीवार के पार दुश्मन में हर डिटेल पर ध्यान दिया गया है। उस शख्स की आंखों में मौत का डर साफ झलक रहा था। बहुत ही दमदार सीन था। याद रहेगा। असली लग रहा था।
व्हीलचेयर वाले शख्स की तस्वीर पर निशाना लगाना कोई मामूली बात नहीं थी। सूट वाले नेता ने जब पूछताछ शुरू की, तो माहौल और भारी हो गया। दीवार के पार दुश्मन में सस्पेंस बना हुआ है। लंबे बालों वाले शख्स की हालत देखकर तरस आ रहा था। बहुत दर्दनाक था। कोई सहारा नहीं था।
कमरे की दीवारें और पुराना फर्नीचर कहानी की गहराई बढ़ा रहे हैं। जब उसे पकड़ा गया, तो लगा अब अंत निकट है। दीवार के पार दुश्मन में एक्टिंग बहुत नेचुरल है। सूट वाले शख्स का रौबदार अंदाज सब पर भारी पड़ रहा था। चाकू वाला सीन याद रहेगा। खतरनाक था। जान हथेली पर थी।
शुरू की शांति और बाद का हंगामा बिल्कुल अलग था। लंबे बालों वाला शख्स अकेला पड़ गया था। दीवार के पार दुश्मन में ट्विस्ट बहुत अच्छे हैं। सूट वाले नेता की आंखों में ठंडक थी। उसने बिना गुस्सा किए सब संभाल लिया। बहुत ही शानदार परफॉरमेंस। लाजवाब है। सब दंग रह गए।
सिगरेट के टुकड़ों बीच बैठकर वह शख्स क्या सोच रहा था?शायद मौत को गले लगा रहा था। दीवार के पार दुश्मन का क्लाइमेक्स बहुत तेज है। जब चाकू गले के पास आया, तो डर साफ दिख रहा था। सूट वाले ग्रुप का डोमिनेशन बहुत ज्यादा था। बच नहीं सकता। अंत बुरा हुआ।