शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन जब उसने दूध में पाउडर मिलाया तो रोंगटे खड़े हो गए। दीवार के पार दुश्मन में ऐसा मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। पत्नी की मासूमियत और पति की चालाकी देखकर दिल दहल गया। यह सीन देखते समय सांस रुक गई थी। काश वह समझ जाती कि खतरा पास ही है। बहुत ही तनावपूर्ण पल थे। यह कहानी हमें बताती है कि भरोसा टूटना कितना दर्दनाक होता है। हर कोई हैरान रह गया। सच में यह दृश्य यादगार बन गया है।
व्हीलचेयर पर बैठे पति की आंखों में एक अजीब सी चमक थी जो खतरे का संकेत दे रही थी। दीवार के पार दुश्मन की कहानी में यह पात्र सबसे ज्यादा रहस्यमयी लगा। जब पत्नी बेहोश हुई तो लगा कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। रस्सियों से बांधने वाला अंत देखकर झटका लगा। अभिनय बहुत ही लाजवाब था। हर फ्रेम में सस्पेंस बना हुआ था। मैं पूरी रात यही सोचता रहा कि आगे क्या होगा। सच में यह शो बेहतरीन है। कलाकारों ने जान डाल दी है।
छोटी बच्ची का दूध का गिलास लेकर जाना एक संकेत था, पर किसी का ध्यान नहीं गया। दीवार के पार दुश्मन में ऐसे छोटे विवरण बहुत मायने रखते हैं। जब पत्नी ने दूध पिया और उसे चक्कर आए, तो स्क्रीन के सामने बैठे हर व्यक्ति की धड़कन तेज हो गई। यह थ्रिलर किसी को भी डरा सकता है। रंगों का उपयोग और रोशनी का खेल कमाल का था। मुझे यह दृश्य बहुत पसंद आया। निर्देशन बहुत सटीक है।
पत्नी के होश खोने का तरीका बहुत ही दर्दनाक और यथार्थवादी लगा। दीवार के पार दुश्मन में भावनाओं को जिस तरह दिखाया गया है वह अनोखा है। जब पति उसके पास झुका तो लगा शायद वह मदद करेगा, पर हुआ कुछ और ही। यह धोखा देखकर गुस्सा आया। कहानी की गति बहुत तेज है और हर पल नया खुलासा होता है। दर्शकों के लिए यह एक सरप्राइज पैक है। मैं हैरान रह गया।
बिस्तर पर लेटने के बाद का सीन सबसे ज्यादा तनावपूर्ण था। दीवार के पार दुश्मन में रोमांस और खतरे की लकीर बहुत पतली है। जब उसने रस्सी से बांधना शुरू किया तो सबकी आंखें फटी की फटी रह गईं। यह कहानी हमें सिखाती है कि अपनों से ही सावधान रहना चाहिए। अभिनय इतनी सच्ची लगी कि मैं खुद को रोक नहीं पाया। ऐसी कहानी मिलना दुर्लभ है। कहानी बहुत गहरी है।
दूध का गिलास हाथ से छूटते ही कहानी का रुख बदल गया। दीवार के पार दुश्मन में हर ऑब्जेक्ट का अपना महत्व है। पत्नी की घबराहट और पति की ठंडक देखकर अंतर स्पष्ट हो गया। यह मनोवैज्ञानिक खेल बहुत गहरा है। मुझे लगा कि शायद वह उसे बचाना चाहता है, पर गलतफहमी थी। अंत में बंधन देखकर लगता है कि अब भागना नामुमकिन है। बहुत ही रोचक कहानी है।
कमरे का माहौल और दीवारों की सजावट बहुत सुंदर थी, पर कहानी में खौफ था। दीवार के पार दुश्मन में सेट डिजाइन भी कहानी कहता है। जब पत्नी ने सिर पकड़ा तो समझ गया कि दवा असर कर गई। यह धीमी गति से बढ़ने वाला तनाव बहुत प्रभावशाली है। हर डायलॉग और हर चुप्पी का मतलब निकलता है। मैंने कई शो देखे हैं पर यह सबसे अलग लगा। सच में तारीफ के काबिल है।
पति का चेहरा देखकर नहीं कहा जा सकता था कि वह ऐसा करेगा। दीवार के पार दुश्मन में किरदारों की परतें बहुत गहरी हैं। जब वह पत्नी को उठाकर ले गया तो लगा अब उसकी किस्मत बदल जाएगी। रस्सी का नोड देखकर लगा यह पहले से योजनाबद्ध था। सस्पेंस बनाए रखने का यह सबसे अच्छा तरीका है। दर्शक हर पल हैरान होते रहते हैं। मुझे यह अनिश्चितता बहुत पसंद आई।
पत्नी की आंखों में डर और हैरानी साफ झलक रही थी। दीवार के पार दुश्मन में अभिनेत्री ने कमाल का प्रदर्शन किया है। जब पति करीब आया तो लगा शायद वह उसे चूमने वाला है, पर हुआ कुछ और। यह मोड़ बहुत ही शानदार था। कहानी में उतार चढ़ाव बहुत हैं जो बोरियत नहीं होने देते। मैं हर कड़ी का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। यह शो जरूर देखना चाहिए।
अंत में जब रस्सी कसती गई तो लगा कहानी अपने चरम पर है। दीवार के पार दुश्मन में अंत की शुरुआत यहीं से हो गई है। यह रिश्ता अब दुश्मनी में बदल चुका है। घर का कोना कोना अब जेल जैसा लग रहा है। तकनीकी पहलुओं पर भी बहुत ध्यान दिया गया है। ध्वनि और प्रकाश का संयोजन सही था। मैं इस शो को अपने दोस्तों को जरूर सुझाऊंगा। बहुत ही बेहतरीन कृति है।