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वैद्य भी, योद्धा भीवां45एपिसोड

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वैद्य भी, योद्धा भी

परम योद्धा आरव सिंह अपने शुद्ध तेज शरीर के कारण नींव स्तर के शिखर पर अटका था। उसके गुरु साधक ने उसे उस लड़की को खोजने का आदेश दिया जिसके शरीर पर "रहस्यमयी निशान" हो, ताकि वह अपनी रुकावट तोड़ सके। गुरु ने उसकी गुरु बहनों को भी मदद करने भेजा। पहाड़ से उतरने की उसी रात, आरव की मुलाकात चंद्र ग्रुप की सीईओ तारा चंद्र से हुई। वह उसका बॉयफ्रेंड बन गया और उसकी सहेलियों की रक्षा करने लगा। अपनी चिकित्सा और युद्ध कला के दम पर, आरव ने दुश्मनों को मुँह की खाई और जिंदगी की सबसे ऊँची सीढ़ी पर पहुँच गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

तनावपूर्ण डिनर

इस डिनर टेबल पर जो गहरा तनाव है वो साफ़ तौर पर देखा जा सकता है। नीली ड्रेस वाली लड़की काफी परेशान और घबराई हुई लग रही है जबकि ब्राउन जैकेट वाली महिला बहुत शांत है। ऐसा लगता है जैसे कोई बहुत बड़ा राज खुलने वाला हो। वैद्य भी, योद्धा भी में ऐसे सीन्स बहुत अच्छे लगते हैं। लड़का बस चुपचाप सब देख रहा है और कुछ समझ नहीं पा रहा।

फोल्डर का राज

आखिर उस काले फोल्डर में क्या था जिसने लड़के का चेहरा पूरी तरह बदल दिया। शायद ये किसी बड़ी कंपनी का राज है या कोई नई जिम्मेदारी। खाना ठंडा हो गया पर बहस अभी भी गर्म है। मुझे ये ड्रामा बहुत पसंद आ रहा है। वैद्य भी, योद्धा भी की कहानी में ये ट्विस्ट बहुत जरूरी था। सबकी आंखों में सवाल हैं।

खामोशी का शोर

दोनों लड़कियों के बीच की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है इस सीन में। एक की आंखों में गुस्सा है तो दूसरी की चालाकी साफ़ झलक रही है। बीच में बैठे लड़के की हालत काफी खराब हो गई है। उसे नहीं पता कि अब किसका साथ देना चाहिए। वैद्य भी, योद्धा भी में किरदारों की गहराई बहुत अच्छी है। ये डिनर सीन यादगार बन गया।

मेज पर बिजनेस

खाने की मेज पर ही बिजनेस की बातें हो रही हैं इस वक्त। ब्राउन जैकेट वाली महिला बहुत प्रभावशाली और ताकतवर लग रही हैं। उनका अंदाज बता रहा है कि वो इस घर की बॉस हैं। नीली ड्रेस वाली बचाव कर रही है पर सुनी नहीं जा रही। वैद्य भी, योद्धा भी का ये एपिसोड बहुत रोमांचक है। आगे क्या होगा ये जानने की उत्सुकता है।

बदलते समीकरण

लड़के के हाथ में जब वो काला फोल्डर आया तो सब कुछ बदल गया। शायद उसे कोई नई जिम्मेदारी मिली है या कोई सच्चाई पता चली। उसके चेहरे पर मुस्कान भी है और हैरानी भी साफ़ दिख रही है। ये कहानी काफी पेचीदा होती जा रही है। वैद्य भी, योद्धा भी में हर सीन में कुछ नया होता है। दर्शक बंधे हुए हैं।

माहौल और रोशनी

कमरे की सजावट और रोशनी बहुत अच्छी और मनमोहक है। ये माहौल ड्रामे के लिए बिल्कुल सही है। तीनों के बीच की केमिस्ट्री देखने लायक और अनोखी है। कोई चिल्ला नहीं रहा पर बातें बहुत भारी हैं। वैद्य भी, योद्धा भी की प्रोडक्शन क्वालिटी शानदार है। मुझे ये किरदार बहुत असली और करीबी लगते हैं।

आंसू और जिद

नीली ड्रेस वाली लड़की की आंखों में आंसू हैं पर वो रो नहीं रही है अभी। वो अपनी बात मनवाने की पूरी कोशिश कर रही है। सामने वाली महिला बिल्कुल नहीं मान रही है। ये जंग अब और बढ़ने वाली है। वैद्य भी, योद्धा भी में ऐसे इमोशनल सीन्स दिल को छू लेते हैं। कहानी बहुत मजबूत और दमदार है।

जानकारी का खुलासा

लड़के ने जब फोल्डर खोला तो उसे अंदर की सारी जानकारी मिल गई। शायद ये किसी ग्रुप का परिचय पत्र है जो उसने देखा। उसकी प्रतिक्रिया से लगता है कि उसे ये ऑफर पसंद आया। अब वो किस तरफ जाएगा ये देखना है। वैद्य भी, योद्धा भी में ट्विस्ट की कमी नहीं है। अगला एपिसोड कब आएगा।

पावर गेम

ये डिनर पार्टी किसी आम खाने जैसी बिल्कुल नहीं लग रही है। यहाँ तो कोई बड़ी डील फाइनल हो रही है। ब्राउन जैकेट वाली सब कंट्रोल कर रही हैं। बाकी दो लोग उनके सामने कमजोर लग रहे हैं। वैद्य भी, योद्धा भी में पावर गेम बहुत अच्छे दिखाते हैं। ये सीन बहुत इंटेंस और गहरा है।

अधूरा इंतजार

अंत में जो संकेत मिला कि कहानी आगे जारी रहेगी वो झटका देने वाला है। अब सब कुछ अधूरा और अधूरा लग रहा है। मुझे तुरंत अगला पार्ट चाहिए। इन तीनों का रिश्ता क्या है ये भी साफ नहीं हुआ। वैद्य भी, योद्धा भी ने फिर से इंतजार कराया। पर ये इंतजार लायक है। कहानी बहुत रोचक है।