जादू का वो पल जब सब कुछ उल्टा हो गया, सच में रोंगटे खड़े कर देने वाला था। राजकुमारी की आँखों में दर्द साफ़ दिख रहा था जब वो ज़मीन पर गिर पड़ी। राजा का चेहरा देखकर लगा जैसे वो कुछ कर नहीं सकते। देवी का इंतेकाम की ये कड़ी बहुत ही तनावपूर्ण थी। काश वो जादूई लालटेन को छूती ही नहीं। सब कुछ इतनी तेजी से बदल गया कि देखने वाला भी सहम गया। राजकुमारी की चीख अभी भी कानों में गूंज रही है।
सफेद बालों वाली औरत की चालाकी देखकर गुस्सा आ रहा है। वो बस चुपचाप खड़ी सब देख रही थी जैसे उसे पहले से सब पता हो। राजकुमारी के चेहरे पर दरारें आना कोई साधारण बात नहीं थी, बहुत असली लगा। देवी का इंतेकाम में ऐसे ट्विस्ट ही तो हम देखने आते हैं। अगला भाग कब आएगा ये जानने की बेचैनी बढ़ रही है। उसकी मुस्कान में जहर घुला हुआ था।
राजा की बेबसी इस सीन में साफ़ झलकती है। अपनी माँ को बचाने की कोशिश में बेटी ने अपनी कुर्बानी दे दी। वो खून की उल्टी और फिर शीशे में अपना चेहरा देखना, दिल दहला देने वाला था। देवी का इंतेकाम की कहानी में गहराई है। हर किरदार का अपना मकसद साफ़ दिख रहा है स्क्रीन पर। राजा का ताज भी इस जादू के आगे फीका पड़ गया।
वो जादूई पत्थर जब चमका तो लगा सब ठीक हो जाएगा, पर हुआ उल्टा। राजकुमारी की चीख सुनकर रूह कांप गई। काले कपड़ों वाली महिला की मुस्कान में कुछ खतरनाक था। देवी का इंतेकाम का ये मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। विजुअल्स इतने अच्छे हैं कि बार बार देखने का मन करता है। रोशनी का खेल बहुत ही खूबसूरत और डरावना था।
शीशे वाला सीन सबसे ज्यादा प्रभावशाली था। जब उसने अपनी दरारों वाली शक्ल देखी तो उसकी चीख में सन्नाटा था। वीडियो की क्वालिटी बहुत अच्छी थी। देवी का इंतेकाम में हर फ्रेम में एक रहस्य छिपा है। राजकुमारी अब क्या करेगी, ये जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। उसकी आँखों में अब डर नहीं गुस्सा दिख रहा था।
कमरे का माहौल इतना डरावना था कि सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। मोमबत्तियों की रोशनी में वो जादू और भी खौफनाक लगा। राजा का ताज पहनना बेकार हो गया इस मुसीबत में। देवी का इंतेकाम की ये कहानी हमें बांधे रखती है। किरदारों के बीच का तनाव बहुत अच्छे से दिखाया गया है। अंधेरा और रोशनी का संतुलन कमाल का था।
राजकुमारी की हिम्मत को सलाम है जो उसने खतरे को भांपते हुए भी कोशिश की। पर ये जाल किसी ने बिछाया था। सफेद बालों वाली दुश्मन लग रही है। देवी का इंतेकाम में धोखे की परतें खुल रही हैं। एक्टिंग इतनी नेचुरल है कि लगता है सब सच हो रहा है। बहुत ही शानदार प्रस्तुति है। दर्शक भी इसमें खो जाते हैं।
जब वो ज़मीन पर गिरा और उसके हाथों में भी दरारें आ गईं, तो लगा जैसे वो पत्थर बन रही हो। राजा का दौड़कर पास जाना पिता का प्यार दिखाता है। देवी का इंतेकाम में भावनात्मक नाटक भी बराबर है। ऐसे सीन देखकर ही तो हम इस कार्यक्रम के प्रशंसक हुए हैं। अगले भाग का इंतज़ार नहीं हो रहा। दर्द बहुत असली लगा।
जादू की कीमत बहुत चुकानी पड़ी इस बार। राजकुमारी की हालत देखकर रोना आ गया। वो बूढ़ी औरत अभी भी बेहोश पड़ी थी। देवी का इंतेकाम की स्क्रिप्ट में दम है। हर सीन के बाद नया सवाल खड़ा हो जाता है। वीडियो प्लेयर की स्पीड भी अच्छी रही, कोई रुकावट नहीं हुई। कहानी की रफ़्तार बहुत तेज है।
अंत में जब वो उठी और रेंगती हुई गई, तो लगा कहानी अभी खत्म नहीं हुई। बदला लेने की आग उसकी आँखों में दिख रही थी। देवी का इंतेकाम का नाम ही सार्थक हो गया है। काली शक्ति के आगे सब फीका पड़ गया। ये फैंटेसी श्रृंखला अब मेरी पसंदीदा सूची में शामिल हो गई है। राजकुमारी का संघर्ष अभी शुरू हुआ है।
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