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Devi Ka Inteqam

60 saal pehle, andhi goddess Morgana ne apni shaktiyon ko 12 Embers mein todkar dosto ko saunp diya aur so gayi. Par jaagne par usey pata chalta hai ki sabne dhoka dekar un Embers se apni sultanat khadi kar li hai. Ab Morgana ek kaali carriage mein wapas lauti hai apna ek-ek Shard wapas chheen-ne. Jo parivaar apna Shard khud dega, usey maut se pehle ek aakhri sach janne ka mauka milega.
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इस एपिसोड की समीक्षा

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योद्धा का समर्पण

इस दृश्य में तनाव इतना ज्यादा है कि सांस रुक जाती है। योद्धा की आंखों में गुस्सा और दर्द दोनों साफ दिख रहे हैं। जब वह घुटनों पर बैठता है, तो लगता है कि उसे अपनी गलती का अहसास हुआ है। देवी का इंतेकाम की कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था। वैद्य माँ का धैर्य देखकर दिल पिघल जाता है। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखना सुकून देता है।

माफ़ी की भीख

ग्रे पोशाक वाले की हालत देखकर हंसी भी आती है और तरस भी। योद्धा की तलवार देखते ही वह जमीन पर गिर पड़ा। लेकिन असली खेल तो योद्धा और वैद्य माँ के बीच चल रहा है। देवी का इंतेकाम में ऐसे इमोशनल सीन बार-बार देखने को मिलते हैं। माँ की आंखों में आंसू और योद्धा का झुकना बताता है कि रिश्ता कितना गहरा है। बहुत ही दमदार एक्टिंग है।

आंखों का दर्द

वैद्य माँ जब अपनी आंख को ढकती है, तो लगता है कि उसने बहुत कुछ देखा है। योद्धा का गुस्सा शांत होकर जब वह उसके पास जाता है, तो माहौल बदल जाता है। देवी का इंतेकाम की यह एपिसोड दिल को छू लेती है। पत्थर की दीवारों वाले कमरे में यह भावनात्मक दृश्य बहुत प्रभावशाली लगा। नेटशॉर्ट ऐप पर वीडियो की क्वालिटी भी बहुत अच्छी है।

तलवार और आंसू

शुरू में लगा कि योद्धा किसी को मार डालेगा, लेकिन अंत में वह खुद रो पड़ा। यह ट्विस्ट बहुत अच्छा था। ग्रे पोशाक वाले का डरना स्वाभाविक लगा। देवी का इंतेकाम में हर किरदार की अपनी कहानी है। वैद्य माँ का योद्धा के सिर पर हाथ रखना बताता है कि वह उसे आशीर्वाद दे रही है। ऐसे सीन बार-बार देखने को मन करता है।

रिश्तों की डोर

योद्धा और वैद्य माँ के बीच का रिश्ता बहुत पुराना लगता है। शायद वह उसकी माँ है या गुरु। जब वह उसके पैरों में गिरता है, तो गर्व टूट जाता है। देवी का इंतेकाम की कहानी में यह भावनात्मक पल सबसे ऊपर है। कमरे में रखी शिशियां और पुराना सामान माहौल बनाते हैं। नेटशॉर्ट पर ऐसे ड्रामा देखना पसंद आता है।

गुस्से का अंत

योद्धा का चेहरा शुरू में बहुत कठोर था, लेकिन बाद में वह टूट गया। यह बदलाव बहुत तेजी से हुआ। ग्रे पोशाक वाले ने बीच में डर का माहौल बना दिया। देवी का इंतेकाम में सस्पेंस और इमोशन का अच्छा मिश्रण है। वैद्य माँ की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। वीडियो की लाइटिंग भी बहुत सिनेमैटिक लगी।

घुटनों की कीमत

पहले ग्रे पोशाक वाला घुटनों पर था, फिर योद्धा। यह बदलाव कहानी की गहराई दिखाता है। वैद्य माँ सब देख रही है बिना कुछ बोले। देवी का इंतेकाम में ऐसे सीन बताते हैं कि शक्ति क्या है। पत्थर के कमरे में यह नाटक बहुत असली लगा। नेटशॉर्ट ऐप का इंटरफेस भी बहुत आसान है देखने के लिए।

आशीर्वाद की चाह

योद्धा को वैद्य माँ के आशीर्वाद की सख्त जरूरत थी। उसकी आंखों में थकान साफ दिख रही थी। ग्रे पोशाक वाले का डरना कॉमेडी जैसा लगा बीच में। देवी का इंतेकाम की यह कहानी बहुत ही अनोखी है। जब योद्धा रोता है, तो दर्शक भी भावुक हो जाता है। ऐसे कंटेंट के लिए नेटशॉर्ट बेस्ट है।

पुराने जख्म

वैद्य माँ की आंखों में पुराने जख्म के निशान दिखते हैं। योद्धा शायद उसी का बदला लेने निकला था। देवी का इंतेकाम का टाइटल इसी पर सटीक बैठता है। ग्रे पोशाक वाले की भीख मांगने की एक्टिंग बहुत नेचुरल थी। कमरे की सजावट से लगता है कि यह किसी पुराने जमाने की कहानी है। बहुत ही शानदार प्रोडक्शन है।

अंत की शुरुआत

यह सीन किसी अंत की शुरुआत लगता है। योद्धा ने तलवार छोड़कर शांति चुनी। वैद्य माँ ने उसे संभाला। देवी का इंतेकाम में अब आगे क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। ग्रे पोशाक वाला शायद बच गया। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीरीज देखना बहुत मजेदार है। हर एपिसोड में नया ट्विस्ट मिलता है।