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Devi Ka Inteqam

60 saal pehle, andhi goddess Morgana ne apni shaktiyon ko 12 Embers mein todkar dosto ko saunp diya aur so gayi. Par jaagne par usey pata chalta hai ki sabne dhoka dekar un Embers se apni sultanat khadi kar li hai. Ab Morgana ek kaali carriage mein wapas lauti hai apna ek-ek Shard wapas chheen-ne. Jo parivaar apna Shard khud dega, usey maut se pehle ek aakhri sach janne ka mauka milega.
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इस एपिसोड की समीक्षा

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बूढ़े योद्धा का अंत

उस दृश्य ने दिल तोड़ दिया जब बूढ़े योद्धा ने अपनी जान की परवाह किए बिना रानी की रक्षा की। बर्फ़ीले मौसम में उनका संवाद बहुत भावुक था। जब वे काले धूल में बदल गए, तो आँखें नम हो गईं। देवी का इंतेकाम में ऐसे त्याग की कहानियाँ ही सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं। काश उनकी शक्ति हमेशा बनी रहती और वे हमेशा साथ रहते।

श्वेत केश वाली रानी की शक्ति

काले लिपस्टिक और सफेद बालों वाली रानी का किरदार बहुत रहस्यमयी लगता है। जब उसने उस पत्थर जैसे सिर पर हाथ रखा और लाल क्रिस्टल चमका, तो रोंगटे खड़े हो गए। जादू का वह दृश्य बहुत शानदार था। देवी का इंतेकाम की कहानी में अब तक का सबसे रोमांचक मोड़ यही था। उसकी आँखों में आँसू और गुस्सा दोनों साफ़ दिख रहे थे।

घायल सैनिक का संघर्ष

सफेद कवच वाला सैनिक जमीन पर गिरा हुआ था, लेकिन उसने हार नहीं मानी। अंधेरे कक्ष में मोमबत्तियों की रोशनी में उसका संघर्ष देखने लायक था। वह विशालकाय दुश्मन के सामने अकेला खड़ा था। देवी का इंतेकाम में ऐसे युद्ध दृश्य की कमी नहीं है। उसकी आँखों में डर नहीं, बल्कि बदले की आग साफ़ दिख रही थी। वह फिर से उठ खड़ा होगा।

अंधकार सेनापति का खौफ

वह काले कवच वाला विशाल योद्धा सच में डरावना था। उसकी आँखें चमक रही थीं और हाथ में कुल्हाड़ी थी। जब वह दहाड़ा, तो पूरा कक्ष गूंज उठा। मृत सेना के साथ उसका प्रवेश भयानक था। देवी का इंतेकाम में विलेन का ऐसा रूप पहले नहीं देखा। उसकी ताकत के आगे सब फीके लग रहे थे। वह बहुत शक्तिशाली लग रहा था।

बर्फ़ीले मैदान का माहौल

शुरुआत का दृश्य बर्फ़ से ढके मैदान में था, जो बहुत ठंडा और उदास लग रहा था। वहाँ की खामोशी में एक अजीब सा तनाव था। रानी और बूढ़े योद्धा के बीच की बातचीत बहुत गहरी थी। देवी का इंतेकाम की मंच सजावट ने कहानी को और भी असली बना दिया है। ऐसा लग रहा था जैसे हम भी वहीं मौजूद हों और ठंड महसूस कर रहे हों।

लाल रोशनी वाला अनुष्ठान

जब रानी ने वह अनुष्ठान किया, तो पूरा कमरा लाल रोशनी से भर गया। बीच में बैठी रानी और चारों तरफ जलती मोमबत्तियाँ। यह दृश्य बहुत ही शक्तिशाली था। देवी का इंतेकाम में जादू-टोने का ऐसा उपयोग कहानी को आगे बढ़ाता है। उस पल लगा कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। शक्तियाँ जागृत हो रही थीं।

मृत योद्धाओं की फौज का हमला

सीढ़ियों से उतरती हुई उन मृत योद्धाओं की फौज बहुत भयानक लग रही थी। उनके कपड़े फटे हुए थे और हाथों में हथियार थे। जब वे काले धुएं में बदल गए, तो हैरानी हुई। देवी का इंतेकाम में ऐसे दृश्य प्रभाव बहुत अच्छे हैं। यह युद्ध का माहौल बहुत ही रोमांचक बना दिया गया है। सब कुछ बहुत तेजी से बदल रहा था।

रानी के आँसू और गुस्सा

अंत में रानी ने अपने आँसू पोंछे और उसकी आँखें बदल गईं। उसने अपना दुख गुस्से में बदल लिया था। काले दस्ताने में उसका हाथ और चेहरे का भाव बहुत गहरा था। देवी का इंतेकाम में किरदारों के भावनात्मक पहलू को बहुत अच्छे से दिखाया गया है। अब वह बदला लेने के लिए तैयार है। उसका संकल्प बहुत मजबूत लग रहा था।

पत्थर से जिंदा होने की शक्ति

उस बूढ़े योद्धा का सिर पत्थर जैसा हो गया था, जिसमें दरारें थीं। रानी के हाथ रखते ही उसमें लाल चमक आ गई। यह जादूई परिवर्तन बहुत अद्भुत था। देवी का इंतेकाम की कहानी में ऐसे चमत्कार ही मुख्य आकर्षण हैं। यह शक्ति किस काम आएगी, यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। यह रहस्य बहुत गहरा है।

महाकाव्य कल्पना की शुरुआत

यह कहानी एक महाकाव्य कल्पना की तरह लगती है। जादू, युद्ध, त्याग और बदला सब कुछ है। हर दृश्य में एक नया रहस्य खुलता है। देवी का इंतेकाम ने दर्शकों को बांधे रखने का काम बहुत अच्छे से किया है। अगले भाग का इंतज़ार अब और भी बढ़ गया है। यह सफर बहुत रोमांचक होने वाला है। सब कुछ बहुत अच्छा लगा।