जब योद्धा ने उस बूढ़ी महिला को गले लगाया, तो मेरी आंखें नम हो गईं। इस शो देवी का इंतेकाम में ऐसा लगा कि दोनों के बीच का रिश्ता बहुत गहरा है। दर्द और सांत्वना का यह पल दिल को छू लेता है। काश हम भी ऐसे प्यारे पलों को जी सकें। यह दृश्य बहुत ही भावनात्मक और यादगार बन गया है।
उस बूढ़ी महिला का आईने में खुद को देखना और रो पड़ना बहुत दर्दनाक था। शायद वह अपनी बदली हुई काया को देखकर टूट गई थी। देवी का इंतेकाम की कहानी में यह मोड़ बहुत अहम लग रहा है। योद्धा का उसे संभालना दिखाता है कि वह उसका सहारा है। यह दृश्य बहुत गहरा असर छोड़ता है।
कवच पहने योद्धा का उस बूढ़ी महिला के सामने घुटने टेकना देखकर रोंगटे खड़े हो गए। यह सम्मान और प्यार किसी माँ के लिए हो सकता है। देवी का इंतेकाम में ऐसे दृश्य ही असली जादू करते हैं। उनकी आंखों में आंसू और चेहरे पर दर्द साफ दिख रहा था। बहुत ही शानदार एक्टिंग देखने को मिली।
बिना ज्यादा डायलॉग के ही यह सीन इतना असर छोड़ गया। बूढ़ी महिला के हाथों की कांपती उंगलियां और योद्धा की पकड़ सब कह रही थी। देवी का इंतेकाम की यह एपिसोड दिल को छू गई। कभी कभी खामोशी ही सबसे बड़ी बात कर जाती है। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आ रही है।
इस फंतासी दुनिया में भी रिश्तों की अहमियत वही है। जादू या ताकत से बड़ा है तो बस प्यार। देवी का इंतेकाम ने यह साबित कर दिया। उस महिला का रोना और योद्धा का उसे चुप कराना बहुत प्यारा लगा। मैं इस कहानी का अगला हिस्सा देखने के लिए बेताब हूं।
उस बूढ़ी महिला के चेहरे पर झुर्रियां और आंखों में आंसू देखकर दिल भारी हो गया। लगता है उसने बहुत कुछ सहन किया है। देवी का इंतेकाम के इस पार्ट में भावनाओं को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। योद्धा की चिंता भी साफ झलक रही थी। यह कहानी दिल को छूती है।
जब दोनों गले मिले, तो लगा जैसे समय थम गया हो। यह सिर्फ एक हग नहीं, बल्कि एक वादा था। देवी का इंतेकाम में ऐसे पल बार बार देखने को मिलते हैं। योद्धा का कवच और उसका नरम दिल दोनों ही काबिले तारीफ हैं। यह दृश्य बहुत ही खूबसूरत लगा।
शायद वह महिला पहले जवान थी और अब बूढ़ी हो गई है। यह जादूई बदलाव बहुत हैरान करने वाला था। देवी का इंतेकाम की कहानी में यह रहस्य सुलझना बाकी है। योद्धा ने उसे उस हालत में भी नहीं छोड़ा। यह वफादारी देखने लायक थी। मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया।
अभिनेताओं की आंखों ने पूरी कहानी कह दी। शब्दों की जरूरत ही नहीं पड़ी। देवी का इंतेकाम की एक्टिंग बहुत लाजवाब है। बूढ़ी महिला का दर्द और योद्धा की बेचैनी साफ दिख रही थी। मैं इस शो को सभी को देखने की सलाह दूंगा। यह बहुत ही शानदार प्रोडक्शन है।
इतने दुख के बीच भी योद्धा का साथ एक उम्मीद की किरण था। अंधेरे कमरे में भी रोशनी थी। देवी का इंतेकाम ने दिखाया कि रिश्ते कैसे काम करते हैं। यह दृश्य मुझे लंबे समय तक याद रहेगा। बहुत ही खूबसूरत और दिल को छू लेने वाला सीन था।
इस एपिसोड की समीक्षा
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