अंधी रानी का रहस्य मुझे बहुत आकर्षित कर रहा है। उसकी खामोशी में भी एक ताकत है जो कमरे के हर व्यक्ति को डरा रही है। देवी का इंतेकाम में ऐसे पात्र दिखाकर निर्माताओं ने कमाल कर दिया है। उसका काला लिबास और सफेद बाल बहुत प्रभावशाली लग रहे हैं। मुझे नहीं पता वह सब देख सकती है या नहीं, पर उसकी मौजूदगी सब पर भारी है। यह दृश्य देखना एक अलग ही अनुभव था।
सफेद कवच वाले नाइट की वफादारी पर मुझे शक होने लगा है। वह तलवार पर हाथ रखकर खड़ा है जैसे किसी भी पल हमला कर देगा। बूढ़े आदमी से उसकी बहस बहुत तेज थी। देवी का इंतेकाम की कहानी में यह मोड़ बहुत रोमांचक है। क्या वह रानी की रक्षा कर रहा है या उसे कैद करने की योजना बना रहा है? मुझे अगला भाग देखने की जल्दी है।
लाल पोशाक वाले बूढ़े व्यक्ति के चेहरे पर एक अजीब सी चालाकी है। वह क्रॉस पहनता है पर उसकी आंखों में ईमानदारी नहीं दिखती। नीली पोशाक वाली महिला से उसकी बातचीत बहुत गहरी लग रही थी। देवी का इंतेकाम में ऐसे धोखेबाज किरदार कहानी को आगे बढ़ाते हैं। मुझे लगता है वह सबके बीच फूट डालने की कोशिश कर रहा है। यह नाटक बहुत ही जबरदस्त है।
युवती का गुस्सा साफ झलक रहा था जब वह आगे बढ़ी। उसकी लाल और सुनहरी पोशाक बहुत महंगी लग रही थी। उसके गहने और सिर की सजावट देखने लायक थीं। देवी का इंतेकाम में पोशाक डिजाइन पर बहुत मेहनत की गई है। वह कुछ कहना चाहती थी पर शायद उसे रोका गया। उसकी आंखों में आंसू और गुस्सा दोनों थे। मुझे उसकी कहानी जाननी है।
पूरे हॉल का माहौल बहुत ही तनावपूर्ण बना हुआ है। मोमबत्तियों की रोशनी में सबके चेहरे पर डर साफ दिख रहा था। पत्थर की दीवारें इस डर को और बढ़ा रही हैं। देवी का इंतेकाम की मंच सजावट बहुत ही शानदार है। ऐसा लग रहा था जैसे कोई बड़ा फैसला होने वाला हो। सब लोग उस अंधी रानी की तरफ देख रहे थे। यह दृश्य बहुत ही यादगार बन गया है।
नाइट और बूढ़े आदमी के बीच की नोकझोक बहुत तेज थी। दोनों एक दूसरे को घूर रहे थे जैसे शेर हों। तलवार की मूठ पर हाथ रखना खतरे की घंटी है। देवी का इंतेकाम में झड़प के संकेत मिल रहे हैं। मुझे लगता है जल्द ही कोई बड़ी लड़ाई होने वाली है। अभिनय इतना असली लग रहा था कि मैं भी घबरा गया। यह शो मुझे बहुत पसंद आ रहा है।
नीली पोशाक वाली महिला ने बूढ़े आदमी का हाथ थाम लिया। क्या वह उसे रोक रही थी या सहारा दे रही थी? उनके रिश्ते में कुछ छिपा हुआ है। देवी का इंतेकाम में रिश्तों की जटिलता बहुत अच्छे से दिखाई गई है। उसकी आंखों में चिंता साफ झलक रही थी। शायद वह जानती है कि आगे क्या होने वाला है। मुझे इन दोनों का इतिहास जानने की उत्सुकता है।
अंधी रानी के सामने रखे फलों का कटोरा एक अजीब संकेत है। क्या यह कोई प्रसाद है या जहर? सब कुछ इतना रहस्यमयी है। देवी का इंतेकाम में छोटी चीजों का भी बड़ा मतलब निकाला गया है। उसकी काली पट्टी आंखों पर बहुत ही अनोखी लग रही थी। वह बिना देखे सब कुछ भांप सकती है। यह किरदार मुझे बहुत प्रभावित कर गया है।
युवती का चलकर आगे आना बहुत ही नाटकीय था। उसने सबको चुनौती देने की कोशिश की। पर रानी की खामोशी ने उसे शांत कर दिया। देवी का इंतेकाम में सत्ता संतुलन बहुत अच्छे हैं। मुझे लगा वह रानी से बहस करेगी पर ऐसा नहीं हुआ। उसकी हिम्मत की दाद देनी होगी। यह शो हर पल नया आश्चर्य देता है।
इस शो को इस मंच पर देखना बहुत सुकून भरा है। छवि इतनी अच्छी है कि फिल्म जैसा लगता है। देवी का इंतेकाम की कहानी में हर किरदार का अपना वजन है। कोई भी संवाद बेकार नहीं है। मुझे अगला भाग कब आएगा इसका इंतजार है। काश मैं पूरा सिलसिला एक साथ देख सकता। यह कल्पनात्मक नाटक सबसे बेहतरीन है।
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