इस सीन में जो तनाव है वो लाजवाब है। सफेद कवच वाला योद्धा जब मांस खा रहा होता है तो उसकी आंखों में सवाल साफ दिखते हैं। सामने बैठी सफेद बालों वाली रानी किसी रहस्य को छिपाए हुए है। देवी का इंतेकाम की कहानी में यह मोड़ बहुत अहम लग रहा है। जादूई पत्थर और चमकते हाथ देखकर रोंगटे खड़े हो गए। अंधेरे में जलती आग का नज़ारा बहुत खूबसूरत था। मुझे यह दृश्य बहुत पसंद आया।
जब उसने अपनी हथेलियों में चमकती ऊर्जा को महसूस किया, तो लगा कि कोई बड़ी ताकत जाग रही है। काले लिबास वाले लोग जब उस क्रिस्टल को पकड़े हुए थे, तो माहौल में अजीब सी खामोशी थी। सफेद बालों वाली जादूगरनी की मेकअप बहुत गहरी और डरावनी है। देवी का इंतेकाम में ऐसे दृश्य दर्शकों को बांधे रखते हैं। पेड़ की जड़ों में छिपी रोशनी बहुत ही अनोखी थी। यह जादू बहुत शक्तिशाली लग रहा था।
आग के पास बैठकर बातचीत करते हुए दोनों के बीच की दूरी साफ झलकती है। योद्धा हैरान है तो वहीं रानी बहुत शांत और रहस्यमयी लग रही है। उनकी आंखों के इशारे ही काफी कहानी कह रहे हैं। देवी का इंतेकाम की यह कड़ी बहुत ही रोमांचक थी। पृष्ठभूमि में पहाड़ और रात का अंधेरा कहानी को और गहरा बना रहा है। मुझे यह केमिस्ट्री बहुत पसंद आई। दोनों का अभिनय शानदार था।
हवा में तैरते हुए रंगीन पत्थरों का नज़ारा किसी सपने जैसा था। नीला, लाल और हरा क्रिस्टल जब एक दूसरे से जुड़ते हैं, तो लगता है ब्रह्मांड की शक्ति किसी एक जगह इकट्ठा हो रही है। सफेद बालों वाली रानी उस मंच पर खड़ी होकर सब कुछ नियंत्रित कर रही है। देवी का इंतेकाम में विजुअल इफेक्ट्स बहुत शानदार हैं। यह दृश्य किसी बड़े जादू की शुरुआत लगता है। मुझे यह जादू बहुत पसंद आया।
शुरू में जब वह जमीन पर खून से लथपथ पड़ा था, तो लगा कि अब सब खत्म हो गया। लेकिन अगले ही पल वह आग के पास बैठकर खाना खा रहा है। यह बदलाव बहुत हैरान करने वाला है। शायद उस सफेद बालों वाली रानी ने उसे बचाया है। देवी का इंतेकाम की कहानी में ऐसे ट्विस्ट ही जान हैं। योद्धा के चेहरे पर दर्द और हैरानी दोनों साफ दिख रहे थे। यह कहानी बहुत रोचक है।
जब सभी लोग काले चोगे पहनकर घुटनों के बल बैठे थे, तो लगा कोई धार्मिक अनुष्ठान हो रहा हो। उनके हाथों में चमकते हुए पत्थर किसी पूजा का हिस्सा लग रहे थे। सफेद बालों वाली रानी उनकी नेता लग रही हैं। देवी का इंतेकाम में इस तरह के सामूहिक दृश्य बहुत प्रभावशाली लगते हैं। यह दिखाता है कि उसकी ताकत कितनी व्यापक है। माहौल बहुत गंभीर था। सब लोग चुप थे।
रात के अंधेरे में आग की लपटें जब उनके चेहरों पर गिर रही थीं, तो हर भाव साफ दिख रहा था। योद्धा कुछ पूछना चाहता है पर डर रहा है। रानी के काले होंठ और गहरी आंखें किसी जादू का संकेत देती हैं। देवी का इंतेकाम का यह सीन बहुत ही इंटेन्स था। मुझे लगता है कि योद्धा अब उसकी मदद करने वाला है या फिर उसके खिलाफ जाएगा। यह सस्पेंस बना हुआ है।
उस विशाल पेड़ के नीचे खड़ी होकर उसने जो शक्ति प्रकट की, वह अविश्वसनीय थी। पेड़ की जड़ों से निकलती सुनहरी रोशनी जमीन के नीचे किसी खजाने का इशारा कर रही है। खंडहर बन चुकी इमारतें पुरानी कहानियों को बयां कर रही हैं। देवी का इंतेकाम में सेट डिजाइन बहुत ही बेहतरीन है। सफेद बालों वाली रानी वहां किसी देवी जैसी लग रही थीं। यह दृश्य अद्भुत था।
योद्धा जब मांस का टुकड़ा हाथ में लेकर देख रहा था, तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं। उसे यकीन नहीं हो रहा था कि वह जिंदा है। सामने बैठी रानी बहुत शांत थी, जैसे उसे सब पता हो। देवी का इंतेकाम में अभिनय बहुत ही लाजवाब है। इन दोनों के बीच का संवाद बिना बोले ही बहुत कुछ कह जाता है। मुझे यह बिना बोले किया गया अभिनय बहुत पसंद आया। यह बहुत अच्छा था।
जब उसने अपनी मुट्ठी खोली और उसमें से सुनहरी रोशनी निकली, तो पूरा अंधेरा चमक उठा। यह शक्ति अच्छी है या बुरी, यह अभी साफ नहीं है। लेकिन सफेद बालों वाली रानी का इरादा कुछ बड़ा जरूर है। देवी का इंतेकाम की यह झलक बहुत ही रोमांचक थी। आगे की कहानी में क्या होने वाला है, यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। मुझे यह शक्ति पसंद आई।
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