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Devi Ka Inteqam

60 saal pehle, andhi goddess Morgana ne apni shaktiyon ko 12 Embers mein todkar dosto ko saunp diya aur so gayi. Par jaagne par usey pata chalta hai ki sabne dhoka dekar un Embers se apni sultanat khadi kar li hai. Ab Morgana ek kaali carriage mein wapas lauti hai apna ek-ek Shard wapas chheen-ne. Jo parivaar apna Shard khud dega, usey maut se pehle ek aakhri sach janne ka mauka milega.
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इस एपिसोड की समीक्षा

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सफेद कवच का दर्द

सफेद कवच वाले योद्धा की आँखों में जो वेदना है, वो शब्दों में बयां नहीं हो सकती। जब उसने बूढ़ी महिला का हाथ थामा, तो लगा जैसे वो किसी वादे को निभा रहा हो। देवी का इंतेकाम में ऐसे सीन्स दिल को छू लेते हैं। पीछे खड़ी सफेद बालों वाली महिला की चुप्पी सबसे ज्यादा डरावनी लग रही थी। मोमबत्तियों की रोशनी में ये ड्रामा देखने लायक है।

मौत से वापसी

ताबूत से उठती हुई वो बूढ़ी महिला देखकर रोंगटे खड़े हो गए। उसकी आँखों में जीवन की चमक फिर से लौट आई है। सफेद कवच वाले ने उसे सहारा दिया, जो उनकी गहरी दोस्ती दिखाता है। देवी का इंतेकाम की कहानी में ये मोड़ बहुत जरूरी था। काले लिपस्टिक वाली महिला की नज़रें किसी श्राप से कम नहीं लग रही थीं।

काली परछाई का राज

सफेद बालों और काले लिपस्टिक वाली महिला का किरदार सबसे रहस्यमयी लग रहा है। वो बिना कुछ बोले सब कुछ कह जाती है। जब योद्धा ने वफादारी की कसम खाई, तो उसकी आँखों में अजीब सी चमक थी। देवी का इंतेकाम में विलेन कौन है, ये अभी भी साफ नहीं है। माहौल इतना गंभीर है कि सांस लेने की आवाज़ भी सुनाई दे।

मोमबत्तियों का साया

पूरे कमरे में फैली मोमबत्तियों की रोशनी ने एक अजीब सा माहौल बना दिया है। सफेद फूल और काले कपड़े एक दूसरे के विपरीत लग रहे हैं। योद्धा और बूढ़ी महिला के बीच का भावनात्मक बंधन देखकर लगता है कि कहानी में बड़ा बदलाव आएगा। देवी का इंतेकाम का ये एपिसोड बहुत भारी भरकम है। हर फ्रेम में एक नया राज छिपा है।

हाथों की गर्माहट

जब योद्धा ने बूढ़ी महिला का हाथ अपने हाथों में लिया, तो लगा जैसे वो उसे मौत के मुंह से वापस खींच लाया हो। उस पकड़ में ताकत और दुलार दोनों था। पीछे खड़ी सफेद बालों वाली महिला बस देखती रही। देवी का इंतेकाम में ऐसे छोटे विवरण बड़े मायने रखते हैं। ये सीन बताता है कि रिश्ते कितने गहरे हैं।

वफादारी की कसम

सफेद कवच वाले योद्धा ने जब अपनी छाती पर हाथ रखा, तो समझ गया कि उसने कोई बड़ा वादा किया है। उसकी आँखों में दृढ़ संकल्प साफ दिख रहा था। बूढ़ी महिला अब ठीक लग रही है। देवी का इंतेकाम की कहानी अब नई दिशा लेगी। काले कपड़ों वाली महिला की चुप्पी शोर मचा रही है। ये ड्रामा देखने में बहुत रोचक है।

रंगों का खेल

सफेद कवच, काले कपड़े और पीली मोमबत्तियों का रंग संयोजन बहुत खूबसूरत है। हर पात्र का लुक उसकी कहानी कहता है। बूढ़ी महिला के चेहरे की झुर्रियों में दर्द साफ दिखता है। देवी का इंतेकाम की दृश्य कला बहुत मजबूत है। सफेद बालों वाली महिला का मेकअप किसी जादूगरनी जैसा लग रहा है। सब कुछ बहुत सटीक है।

खामोशी का शोर

इस सीन में डायलॉग से ज्यादा खामोशी बोल रही है। योद्धा और बूढ़ी महिला के बीच की चुप्पी में हजारों बातें छिपी हैं। सफेद बालों वाली महिला की नज़रें किसी शिकारी की तरह हैं। देवी का इंतेकाम में तनाव बना हुआ है। जब वो महिला ताबूत से उठी, तो लगा जैसे कोई चमत्कार हुआ हो। ये पल भुलाया नहीं जा सकता।

कहानी का मोड़

लगा था कि बूढ़ी महिला मर चुकी है, लेकिन वो फिर से उठ खड़ी हुई। ये ट्विस्ट किसी को भी हैरान कर सकता है। सफेद कवच वाले की खुशी देखने लायक थी। देवी का इंतेकाम में ऐसे मोड़ बार बार देखने को मिलते हैं। काले लिपस्टिक वाली महिला के इरादे अभी भी साफ नहीं हुए हैं। कहानी अब और दिलचस्प होगी।

दिल को छू लेने वाला

ये सीन सीधे दिल पर असर करता है। योद्धा की चिंता और बूढ़ी महिला का दर्द साफ झलकता है। सफेद बालों वाली महिला की उपस्थिति एक खतरे की घंटी है। देवी का इंतेकाम ने फिर से साबित कर दिया है कि वो बेहतरीन कहानियां सुनाता है। मोमबत्तियों की रोशनी में ये ड्रामा और भी गहरा लग रहा है। सब कुछ बहुत खूबसूरत है।