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(डबिंग) ठुकराया हुआ इक्कावां27एपिसोड

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(डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का

“योद्धा” अर्जुन नकाब उतारने की रस्म में गायब हो जाता है। माँ की अंतिम इच्छा से वह तीन साल तक मार्शल आर्ट्स छोड़कर बहन के साथ साधारण जीवन जीता है। प्रतियोगिता से पहले बहन हारने लगती है, अर्जुन छिपकर मदद करता है पर उसका मज़ाक उड़ता है। संकट में वह अपनी शक्ति दिखाकर दुश्मनों को हराता है, मगर पता चलता है कि उसका स्थान “प्रकाश मंडल” ने दुश्मनों को दे दिया। सच जानने के लिए वह चयन में उतरता है और अंत में उनके खतरनाक अध्यक्ष से भिड़ता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

असली ताकत का प्रदर्शन

अर्जुन की शांति और धैर्य देखकर लगता है कि वह जीतने वाला है। विलासी पोशाक वाले ने छोटा रास्ता अपनाया लेकिन अंत में हार गया। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में यह संदेश बहुत गहरा है। मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। मारधाड़ के दृश्य जबरदस्त थे और संवाद भी दमदार।

अहंकार का अंत

सफेद जैकेट वाले की बातें सुनकर हंसी आ रही थी। उसने सोचा ताकत बढ़ गई है पर अर्जुन ने एक घूंसे में सब साबित कर दिया। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का की कहानी में यह मोड़ बहुत रोमांचक था। लड़की की प्रतिक्रिया भी कमाल की थी। ऐसे नाटक देखने में मजा आता है।

शॉर्टकट बनाम मेहनत

क्या सच में जादू से ताकत मिल सकती है अर्जुन ने साबित किया कि यह सब भ्रम है। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में दिखाया गया संघर्ष बहुत प्रेरणादायक है। खून की उल्टी करने के बाद भी हार न मानना असली जीत है। मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया।

एक्शन से भरपूर सीन

लड़ाई के दृश्य की बनावट बहुत शानदार है। दोनों के बीच की टकराव देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे दृश्यों की उम्मीद नहीं थी। अर्जुन की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। अंत में जो हुआ वह चौंकाने वाला था।

बहन का समर्थन

जब अर्जुन लड़ रहा था तो उसकी बहन की चिंता साफ दिख रही थी। उसने विलासी प्रतिद्वंद्वी को खूब खरी-खोटी सुनाई। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में परिवार का साथ बहुत अच्छे से दिखाया गया है। ऐसे रिश्ते ही असली ताकत होते हैं। मुझे यह पार्ट बहुत भाया।

प्रकाश मंडल का रहस्य

विलासी पोशाक वाले ने प्रकाश मंडल की बात की लेकिन वह सब झूठा निकला। अर्जुन ने अपनी काबिलियत से सबको चुप करा दिया। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का की कहानी में यह मोड़ बहुत अच्छा लगा। असली ताकत अंदर होती है बाहर नहीं।

जीत की कीमत

अर्जुन ने जीत तो हासिल की लेकिन उसे भी चोट लगी। खून की बूंदें देखकर दिल दुखी हो गया। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में दिखाया गया कि जीत आसान नहीं होती। त्याग और बलिदान ही सफलता की कुंजी है। यह दृश्य बहुत भावुक कर देने वाला था।

डायलॉग बाजी

लड़ाई से पहले की बहस बहुत तेज थी। हर शब्द में चुनौती थी। अर्जुन ने शांति से जवाब दिया और फिर मुकाबला शुरू हुआ। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का के संवाद बहुत प्रभावशाली हैं। ऐसे नाटक में जान डाल देते हैं। मुझे बार बार देखने का मन कर रहा है।

विश्वास की जीत

अर्जुन को अपनी ताकत पर पूरा भरोसा था। उसने कभी हार नहीं मानी चाहे सामने कितनी भी बड़ी ताकत क्यों न हो। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में यह आत्मविश्वास बहुत प्रेरणादायक है। हमें भी अपनी मेहनत पर भरोसा रखना चाहिए। बहुत बढ़िया कहानी थी।

अंत की चौंकाने वाली घटना

सबको लगा अर्जुन हार जाएगा पर उसने पलटवार कर दिया। विलासी प्रतिद्वंद्वी का घमंड चूर हो गया। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का का अंत बहुत दमदार था। ऐसे मोड़ कहानी को और भी रोचक बना देते हैं। इस मंच पर ऐसे दृश्य मिलना सुखद है।