PreviousLater
Close

(डबिंग) ठुकराया हुआ इक्कावां9एपिसोड

2.1K2.6K

(डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का

“योद्धा” अर्जुन नकाब उतारने की रस्म में गायब हो जाता है। माँ की अंतिम इच्छा से वह तीन साल तक मार्शल आर्ट्स छोड़कर बहन के साथ साधारण जीवन जीता है। प्रतियोगिता से पहले बहन हारने लगती है, अर्जुन छिपकर मदद करता है पर उसका मज़ाक उड़ता है। संकट में वह अपनी शक्ति दिखाकर दुश्मनों को हराता है, मगर पता चलता है कि उसका स्थान “प्रकाश मंडल” ने दुश्मनों को दे दिया। सच जानने के लिए वह चयन में उतरता है और अंत में उनके खतरनाक अध्यक्ष से भिड़ता है।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

समीर की जिद देखकर रोंगटे खड़े

समीर की जिद देखकर रोंगटे खड़े हो गए। सब कह रहे हैं हार मान लो, पर वो नहीं माना। गुरुजी की चिंता साफ दिख रही थी कि कहीं वो जान न गंवा दे। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे सीन दिल को छू लेते हैं। जब वो खून थूककर भी खड़ा हुआ, तो लगा जीत वहीं है। सब हैरान थे। अमन भी चिंतित था। रोहित को झुकना पड़ा।

रोहित का घमंड टूटा

रोहित का घमंड देखकर गुस्सा आता है। वो खुद को दक्षिण का अजेय समझता है। पर समीर ने साबित किया कि हौसला बड़ी ताकत है। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का की कहानी में ये टकराव बहुत गहरा है। अमन की चिंता भी देखने लायक थी इस मुकाबले में। रोहित को झुकना पड़ा। गुरुजी भी देख रहे थे।

अमन की बेचैनी दिल को छू गई

अमन की बेचैनी देखकर बुरा लगा। वो अपने बेटे की जान को लेकर चिंतित थे। सब कह रहे थे कि शक्तिशाली है वो। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में रिश्तों की ये डोर बहुत मजबूत दिखाई गई है। पांच मिनट का वादा दिल दहला देने वाला था सबके लिए। गुरुजी चुप थे। समीर नहीं रुका।

एक्शन और इमोशन का बेहतरीन संगम

एक्शन सीन्स जबरदस्त हैं। रोहित की ताकत और समीर की फुर्ती का मुकाबला देखने लायक था। गुरुजी भी हैरान थे। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में एक्शन के साथ इमोशन भी बराबर है। लड़ते हुए भी समीर नहीं रुका और सबको चौंका दिया। ये लड़ाई याद रहेगी। अमन भी खड़ा था।

लड़की की आंखों में डर साफ था

लड़की की आंखों में डर साफ दिख रहा था। वो समीर को बचाना चाहती थी पर कुछ कर नहीं पाई। गुरुजी भी देख रहे थे। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में हर किरदार का अपना वजन है। जब समीर गिरा तो सबकी सांसें रुक गईं। ये ड्रामा बहुत तेज है। सब देखते रहे। रोहित हैरान था।

भूरे कपड़े वाले की हंसी चिढ़ाती है

भूरे कपड़े वाले आदमी की हंसी चिढ़ाती है। वो समीर का मजाक उड़ा रहा था। गुरुजी को भी ये पसंद नहीं आया। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में विलेन सिर्फ रोहित नहीं, ये सोच भी है। समीर ने सबका मुंह बंद कर दिया अपनी जिद्द से। अमन भी देख रहा था। सब चुप थे।

गुरुजी का रुआब अलग ही है

गुरुजी का रुआब अलग ही है। वो चाहते थे कोई मरे नहीं, पर इज्जत का सवाल था। अमन भी चुप था। सब इंतज़ार कर रहे थे। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में गुरु-शिष्य का रिश्ता बहुत गहरा दिखाया गया है। समीर ने गुरुजी का सिर ऊंचा किया अपनी लड़ाई से। रोहित हारा।

पांच मिनट का वादा साधारण नहीं था

पांच मिनट लड़ने का वादा साधारण नहीं था। समीर ने अपनी जान की परवाह नहीं की। रोहित हैरान था। सब देख रहे थे। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में ये जुनून देखकर तालियां बजाने का मन करता है। वो बारबार उठता रहा और लड़ता रहा बहुत देर तक। जीत उसी की हुई। गुरुजी मुस्कुराए।

अखाड़े का माहौल तनावपूर्ण था

पूरे अखाड़े का माहौल बहुत तनावपूर्ण था। सब चुपचाप ये लड़ाई देख रहे थे। गुरुजी की आंखों में चिंता थी। अमन भी खड़ा था। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में हर फ्रेम में एक कहानी छिपी है। जब समीर खून थूकता है तो दर्द महसूस होता है दर्शकों को। बहुत गहरा है। रोहित चौंका।

हार नहीं माननी चाहिए कभी

ये सीन देखकर लगता है कि हार नहीं माननी चाहिए। समीर की जिद्द जीत गई। रोहित को भी झुकना पड़ा। गुरुजी मुस्कुराए। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का एक बेहतरीन कहानी है। रोहित हैरान रह गया जब समीर फिर खड़ा हुआ। ये जंग अभी बाकी है। सब देखते रहे। अमन राहत सांस ली।