मीरा का साहस देखकर दांतों तले उंगली दब गई। प्रभात के पुराने सोच के सामने उसने जो जवाब दिया, वह दिल को छू गया। एमन की पसंद सही साबित हो रही है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे दृश्य देखना सुकून देता है। मीरा की आंखों में जो आग थी, वह किसी कम नहीं थी। उसने साबित कर दिया कि हुनर देखना चाहिए, लिंग नहीं। यह संवाद बहुत भारी था।
अमन की अकादमी का माहौल बहुत तनावपूर्ण लग रहा था। करण और समीर के बीच की चुप्पी भी कुछ कह रही थी। जब मीरा आगे आई तो सब हैरान थे। प्रभात सुपरवाइजर का रवैया बदलता हुआ दिखा। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का की कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था। अमन ने भरोसा जताया जो सराहनीय है। पात्रों के बीच की रसायन बहुत अच्छी लग रही है।
प्रभात को लगा कि लड़की भेजना गलत फैसला है, पर मीरा ने चुनौती स्वीकार कर ली। अगर वह हारी तो चली जाएगी, यह शर्त जोखिम भरी थी। पर उसकी आत्मविश्वास देखकर लगता है वह जीत सकती है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे जोश भरने वाले पल बार बार देखने को मिलते हैं। एक्शन सीन की शुरुआत बहुत धमाकेदार हुई।
समीर को अमन का बेटा होने का फायदा है, पर करण भी हुनरमंद है। फिर भी मीरा का चयन सबसे चौंकाने वाला था। उसने साबित किया कि वह किसी से कम नहीं है। प्रभात की फटकार भी उसे हिला नहीं सकी। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का के किरदार बहुत गहराई से लिखे गए हैं। मीरा की ड्रेस और लुक भी योद्धा जैसा ही लग रहा था।
एमन ने जब मीरा को अपना प्यारा शिष्य बताया, तो गर्व झलक रहा था। प्रभात का मजाक उड़ाना बिल्कुल सही नहीं था। मीरा ने तुरंत जवाब दिया कि लड़कियां कमजोर नहीं होती। यह संदेश समाज के लिए भी है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे सामाजिक संदेश छिपे हैं। दृश्य की रोशनी और सेट डिजाइन बहुत शानदार लग रहा था।
करण ने मीरा को रोकने की कोशिश की, पर वह नहीं मानी। उसे पता था कि यह लड़ाई आसान नहीं होगी। प्रभात की कला तेज है, फिर भी वह आगे बढ़ी। यह जिद्द ही उसे जीत दिला सकती है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का की रफ्तार बहुत तेज है। दर्शक के रूप में मैं मीरा के साथ खड़ा हूं। उसकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी।
देश की इज्जत का सवाल था, इसलिए अमन सावधान थे। पर उन्होंने मीरा पर भरोसा किया। प्रभात को लगा वह कमजोर कड़ी है, पर वह गलत साबित हो सकता है। मीरा की आंखों में डर नहीं था। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में ऐसा साहस देखने को मिलता है। वज्र अकादमी की मीरा तैयार है, यह डायलॉग रोंगटे खड़े कर देता है।
अमन और प्रभात के बीच की बहस बहुत दिलचस्प थी। एक तरफ अनुभव था, दूसरी तरफ नई सोच। मीरा बीच में आकर सबका ध्यान खींच लिया। उसने प्रणाम किया पर शर्तें अपनी रखीं। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का की कहानी में यह टकराव बहुत जरूरी था। सेट पर खड़े अन्य छात्र भी हैरान थे। माहौल में बिजली सी दौड़ रही थी।
मीरा ने जब कहा कि अगर हारी तो खुद बाहर जाएंगी, तो सब सन्न रह गए। यह हिम्मत हर किसी में नहीं होती। प्रभात ने भी चुनौती स्वीकार कर ली। अब लड़ाई तय हो गई है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में आगे क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। एक्शन की तैयारी देखकर लग रहा है मजा आएगा।
वज्र अकादमी की प्रतिष्ठा अब मीरा के कंधों पर है। अमन ने सही समय पर सही फैसला लिया। करण की चिंता जायज थी, पर मीरा का जज्बा देखकर सब चुप हो गए। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का का यह एपिसोड बहुत यादगार बन गया। मीरा की आवाज में जो दम था, उसने सबको चुनौती दे दी। बहुत शानदार प्रदर्शन था।