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(डबिंग) ठुकराया हुआ इक्कावां6एपिसोड

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(डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का

“योद्धा” अर्जुन नकाब उतारने की रस्म में गायब हो जाता है। माँ की अंतिम इच्छा से वह तीन साल तक मार्शल आर्ट्स छोड़कर बहन के साथ साधारण जीवन जीता है। प्रतियोगिता से पहले बहन हारने लगती है, अर्जुन छिपकर मदद करता है पर उसका मज़ाक उड़ता है। संकट में वह अपनी शक्ति दिखाकर दुश्मनों को हराता है, मगर पता चलता है कि उसका स्थान “प्रकाश मंडल” ने दुश्मनों को दे दिया। सच जानने के लिए वह चयन में उतरता है और अंत में उनके खतरनाक अध्यक्ष से भिड़ता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

तनाव से भरा माहौल

इस दृश्य में तनाव साफ झलकता है। भूरे कपड़े वाला व्यक्ति बहुत घमंडी लग रहा है। मास्टर की चिंता देखकर लगता है कि खतरा असली है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे मोड़ बारिश की तरह आते हैं। लड़की की हिम्मत देखकर दिल दंग रह गया। वह चोटिल होने के बावजूद आगे बढ़ रही है। यह जुनून ही असली योद्धा बनाता है। सबको यह देखना चाहिए। अभिनय बहुत प्राकृतिक लग रहा है। माहौल भी गंभीर है।

इज्जत का सवाल

शांति अकादमी की इज्जत का सवाल है। जब जीवन और मृत्यु का मुकाबला तय हुआ, तो सबकी सांसें रुक गईं। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का की कहानी में यह पल सबसे अहम है। अमन की चिंता साफ दिख रही है। वह मीरा को रोकना चाहता है। लेकिन मीरा नहीं रुक रही। ऐसे नाटक नेटशॉर्ट पर देखने में बहुत मजेदार लगते हैं। बिल्कुल छोड़ नहीं सकते। समय कम है और जोश बहुत है। सबका ध्यान खिंचा है।

मास्टर की चुप्पी

मास्टर की आंखों में डर नहीं, बस चिंता है। वे जानते हैं कि यह लड़ाई आसान नहीं होगी। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में किरदारों की गहराई बहुत अच्छी है। भूरे कपड़े वाले की हंसी चुभती है। वह दूसरों को डराना चाहता है। लेकिन शिष्य पीछे नहीं हट रहे। यह वफादारी देखकर गर्व होता है। काश हमारे पास भी ऐसे दोस्त हों। बहुत प्रभावशाली दृश्य है। संवाद भी भारी हैं। दिल पर असर होता है।

समय की कमी

पंद्रह मिनट का समय और जीवन का दांव। यह स्थिति किसी को भी डरा सकती है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में समय की कमी तनाव बढ़ाती है। लड़की ने जब कहा मैं लड़ूंगी, तो माहौल बदल गया। उसकी आंखों में आग है। वह हार नहीं मानना चाहती। ऐसे सीन बार बार देखने को दिल करता है। अभिनय बहुत नेचुरल लग रहा है। सबको पसंद आएगा। कहानी आगे बढ़ रही है। रोमांच बना हुआ है।

रिश्तों की जंग

अमन और मीरा के बीच का लगाव बहुत प्यारा है। वह उसे बचाना चाहता है, वह उसे लड़ने देना चाहती है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में रिश्तों की यह जंग भी कम नहीं है। मास्टर चुपचाप सब देख रहे हैं। शायद वे कोई बड़ी योजना बना रहे हैं। भूरे कपड़े वाले को जवाब मिलना चाहिए। कहानी में अब क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। बहुत अच्छा लगा। देखने में मजा आया।

पुराना जमाना

सेट डिजाइन और कपड़े बहुत पुराने जमाने के लगते हैं। यह मार्शल आर्ट दुनिया बहुत रंगीन है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में दृश्यों पर अच्छा ध्यान दिया गया है। जब मास्टर कुर्सी पर बैठे हैं, तो उनका रौब अलग ही है। सामने वाले की हिम्मत कैसे हुई उन्हें चुनौती देने की। यह सवाल सबके मन में है। संवाद भी बहुत दमदार हैं। हर शब्द वजन रखता है। देखने में मजा आ रहा है। कलाकारी बेहतरीन है।

कठोर शर्तें

हारने वाले को मार्शल आर्ट छोड़ना होगा। यह शर्त बहुत कठोर है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में दांव इतने हाई हैं कि सांस रुक जाए। लड़की की चोट का जिक्र हुआ, फिर भी वह तैयार है। यह जिद्द ही जीत दिला सकती है। अमन का चेहरा देखकर लगता है वह कुछ करने वाला है। कहानी में मोड़ आने वाला है। नेटशॉर्ट पर ऐसे कार्यक्रम मिलना दुर्लभ है। बिल्कुल मिस नहीं करना चाहिए। सबको देखना चाहिए।

चालाक दुश्मन

भूरे कपड़े वाला व्यक्ति बहुत चालाक लग रहा है। वह शब्दों से वार कर रहा है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में खलनायक का किरदार बहुत मजबूत है। वह अकादमी को कमजोर दिखाना चाहता है। लेकिन शिष्यों का हौसला टूटा नहीं है। मास्टर की खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। आगे क्या होगा, यह सोचकर ही रोमांच होता है। कड़ी खत्म होने का इंतजार नहीं हो रहा। बहुत बढ़िया कहानी है। पसंद आई।

नायक की एंट्री

जब अमन ने कहा मैं जाऊंगा लड़ने, तो रोंगटे खड़े हो गए। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में नायक की एंट्री ऐसे ही धमाकेदार होती है। मीरा को बचाने का जज्बा साफ दिख रहा है। यह सिर्फ लड़ाई नहीं, इज्जत का सवाल है। मास्टर की सलाह माननी चाहिए या नहीं, यह उलझन है। लेकिन समय कम है। फैसला जल्दी लेना होगा। दर्शक भी इसी कशमकश में हैं। बहुत ही रोचक मोड़ है। आगे क्या होगा।

भावनात्मक पक्ष

इस दृश्य ने पूरा दिन बना दिया। एक्शन से पहले का नाटक ही कुछ और है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में भावनात्मक पक्ष बहुत मजबूत है। हर किरदार अपनी जगह सही लग रहा है। न कोई कम है, न कोई ज्यादा। माहौल में जो गंभीरता है, वह बनी रहनी चाहिए। उम्मीद है अगली कड़ी में लड़ाई देखने को मिलेगी। नेटशॉर्ट पर अनुभव बहुत सुगम है। दृश्य गुणवत्ता भी साफ है। सबको सुझाव दूंगा। जरूर देखें।