कार में बैठे उस बच्चे की आँखों में डर साफ दिख रहा था, जबकि ड्राइवर महिला की नज़रें सड़क पर थीं लेकिन दिमाग कहीं और। अचानक बाहर खड़ा वो सुनहरा बालों वाला आदमी सब कुछ बदल देता है। वही है वो, बॉस! जब वो महिला बच्चे को बिस्तर पर सुलाती है, तो उसके चेहरे पर एक अजीब सी चमक है जो मुझे पसंद आई।
कॉफी का कप हाथ में लिए वो महिला जब लैपटॉप स्क्रीन देखती है, तो उसका चेहरा पीला पड़ जाता है। ऑफिस के माहौल में अचानक आया वो ट्विस्ट दिल को छू गया। वही है वो, बॉस! उसकी आँखों में आँसू और होठों पर कंपन देखकर लगता है कि कहानी अब बहुत गहरी होने वाली है।
बिस्तर पर लेटे उस नन्हे बच्चे को जब वो महिला प्यार से सुलाती है, तो दिल पिघल जाता है। उसकी मुस्कान और बच्चे की मासूमियत ने रात के अंधेरे को भी रोशन कर दिया। वही है वो, बॉस! ये सीन देखकर लगा कि असली कहानी तो अब शुरू हुई है, जब रिश्तों की परीक्षा होगी।
ऑफिस में बैठे उस आदमी का लैपटॉप जब अचानक कोई वीडियो चलाने लगता है, तो सबकी साँसें रुक जाती हैं। वो महिला जो कॉफी पी रही थी, उसका चेहरा देखकर लगता है कि वो वीडियो उसकी जिंदगी से जुड़ा है। वही है वो, बॉस! ये मोड़ कहानी को नई दिशा देता है।
कार की ड्राइविंग सीट पर बैठी वो महिला जब अचानक रुकती है और बाहर खड़े उस आदमी को देखती है, तो माहौल में तनाव छा जाता है। बच्चे की आँखों में डर और महिला के चेहरे पर गुस्सा साफ दिख रहा था। वही है वो, बॉस! ये सीन देखकर लगा कि कहानी में बहुत कुछ छिपा है।