वही है वो, बॉस! इस दृश्य में भावनाओं का जो तूफान दिखाया गया है, वह दिल को छू लेता है। महिला का गुस्सा और पुरुष की चुप्पी सब कुछ कह जाती है। बच्चे की हालत देखकर लगता है कि कहानी में बहुत गहराई है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामे देखना सुकून देता है।
जब वह महिला क्लिपबोर्ड छीनकर चिल्लाती है, तो लगता है जैसे पर्दे के पीछे कोई बड़ा राज छिपा हो। वही है वो, बॉस! डॉक्टर और अन्य पुरुषों के चेहरे के भाव बता रहे हैं कि मामला गंभीर है। यह दृश्य बिना किसी डायलॉग के ही पूरी कहानी कह देता है।
ब्लॉन्ड पुरुष का शांत रहना और बीच-बीच में हैरान होना दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है। वही है वो, बॉस! शायद वह सब जानता है लेकिन बोल नहीं रहा। उसकी आंखों में छिपी पीड़ा साफ दिख रही है। नेटशॉर्ट पर ऐसे किरदार देखना मजेदार लगता है।
महिला का गुस्सा सिर्फ क्रोध नहीं, बल्कि मजबूरी लगता है। वही है वो, बॉस! बच्चे के बिस्तर के पास खड़ी होकर वह जो कह रही है, उसमें एक मां की बेबसी झलकती है। उसकी आवाज में दर्द और आंखों में आंसू सब कुछ बता रहे हैं।
डॉक्टर का चेहरा देखकर लगता है कि वह कुछ छिपा रहा है या फिर खुद हैरान है। वही है वो, बॉस! जब वह महिला से बात करता है, तो उसकी आवाज में डर साफ सुनाई देता है। यह दृश्य बताता है कि अस्पताल की दीवारों के पीछे कितनी कहानियां छिपी होती हैं।