इस दृश्य में भावनाओं का जो विस्फोट हुआ है, वह देखकर रोंगटे खड़े हो गए। सफेद टॉप वाली लड़की की आंखों में जो दर्द है, वह शब्दों से परे है। जब उसने फोन में वह तस्वीर देखी, तो लगा जैसे समय थम गया हो। वही है वो, बॉस! में ऐसे सीन देखकर लगता है कि असली जिंदगी कितनी जटिल हो सकती है। बूढ़ी महिला की मुस्कान और उस लड़के की हैरानी सब कुछ बता रही है।
कांच की दीवारों वाले इस ऑफिस में जो खेल चल रहा है, वह किसी थ्रिलर से कम नहीं है। सफेद कपड़ों वाली लड़की जब रोते हुए फोन उठाती है, तो माहौल में एक अजीब सी खामोशी छा जाती है। वही है वो, बॉस! की कहानी में यह मोड़ बहुत ही चौंकाने वाला है। काले सूट वाले लड़के का चेहरा देखकर लगता है कि वह कुछ छिपा रहा है। हर एक्सप्रेशन में एक नई कहानी है।
जब उस लड़की ने अपने फोन की स्क्रीन दिखाई, तो सबकी सांसें रुक गईं। वह उंगली का टुकड़ा या कोई और चीज थी, इसने पूरा माहौल बदल दिया। वही है वो, बॉस! में ऐसे सस्पेंसफुल मोमेंट्स ही तो दर्शकों को बांधे रखते हैं। सफेद टॉप वाली लड़की का रोना और उस बूढ़ी औरत का शांत रहना एक अजीब कंट्रास्ट बना रहा है। यह सीन लंबे समय तक याद रहेगा।
बिना एक शब्द बोले, सफेद कपड़ों वाली लड़की ने अपनी पीड़ा को इतनी खूबसूरती से व्यक्त किया है कि दिल दहल गया। उसकी आंखों से बहते आंसू और कांपते हाथ सब कुछ कह रहे हैं। वही है वो, बॉस! में ऐसे इमोशनल सीन्स देखकर लगता है कि एक्टिंग क्या होती है। काले ड्रेस वाली महिला की पोजीशन और उस लड़के की चुप्पी इस ड्रामे को और भी गहरा बना रही है।
इस ऑफिस सेटिंग में पावर गेम साफ दिखाई दे रहा है। बूढ़ी महिला जो डेस्क पर बैठी है, वह सब कुछ कंट्रोल कर रही है, जबकि सफेद टॉप वाली लड़की बेबस खड़ी है। वही है वो, बॉस! की यह कहानी हमें बताती है कि कॉर्पोरेट वर्ल्ड कितनी क्रूर हो सकती है। उस लड़के का रिएक्शन देखकर लगता है कि वह फंस चुका है। हर किरदार अपनी जगह सही है।