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वही है वो, बॉस!

छह साल पहले, एक रात ने दीना की ज़िंदगी बदल दी — वह एक अकेली माँ बन गई। उसे कभी पता नहीं चला कि उस रात का वह आदमी एलेक्स था, जो एक्लाट ग्रुप का सीईओ है, और वह तब से उसे ढूंढ रहा है। उसकी साजिशी सौतेली बहन उसकी जगह ले लेती है, दीना की पहचान चुरा लेती है। किस्मत दीना को एक्लाट ग्रुप में एलेक्स की सेक्रेटरी बनाकर ले आती है, जहाँ प्यार फिर से खिल उठता है...
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इस एपिसोड की समीक्षा

ऑफिस में डर का साया

वही है वो, बॉस! की शुरुआत ही इतनी तनावपूर्ण है कि दिल धक-धक करने लगता है। ऑफिस की शांति अचानक टूटती है जब फोन की घंटी बजती है और चेहरे पर खौफ छा जाता है। एक्ट्रेस की आंखों में जो डर है, वो सीधे दर्शकों के दिल में उतर जाता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे थ्रिलर देखना एक अलग ही अनुभव है।

मां का दर्द और बंधक बच्चा

जब स्क्रीन पर बंधक बने उस मासूम बच्चे को देखा, तो रोंगटे खड़े हो गए। वही है वो, बॉस! में दिखाया गया वो सीन जहां खलनायक चाकू लेकर बच्चे के पास जाता है, बेहद डरावना है। मां की बेबसी और खलनायक की क्रूरता का कंट्रास्ट कमाल का है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीरीज देखकर रात भर नींद नहीं आएगी।

खलनायक की खौफनाक मुस्कान

विलेन का किरदार इतना डरावना है कि उसकी मुस्कान देखकर ही घबराहट होती है। वही है वो, बॉस! में उसने जिस तरह बच्चे को डराया और वीडियो रिकॉर्ड किया, वो सच में रोंगटे खड़े करने वाला है। उसकी आवाज और एक्सप्रेशन ने पूरे सीन को और भी भयावह बना दिया है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे विलेन कम ही देखने को मिलते हैं।

फोन का मैसेज और तबाही

बैंक कार्ड का मैसेज आते ही हीरोइन के चेहरे पर जो बदलाव आया, वो लाजवाब था। वही है वो, बॉस! में दिखाया गया ये मोड़ कहानी को एक नई दिशा देता है। लगता है अब वो चुप नहीं बैठेगी और बदला लेगी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ट्विस्ट्स देखना बहुत मजेदार होता है, हर एपिसोड में नया सस्पेंस।

गोदाम का डरावना माहौल

गोदाम का सेट डिजाइन और वहां का अंधेरा माहौल पूरी कहानी की जान है। वही है वो, बॉस! में जब खलनायक बच्चे के पास जाता है, तो उस गोदाम की खामोशी और डर साफ महसूस होता है। डायरेक्टर ने लोकेशन का बेहतरीन इस्तेमाल किया है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे विजुअल्स देखना एक अलग ही लेवल का अनुभव है।

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