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स्कूल का शेर आदित्यवां11एपिसोड

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स्कूल का शेर आदित्य

अपराध दुनिया छोड़कर आदित्य यादव पढ़ाई के लिए पूर्वनगर के लिली हाई स्कूल आता है, पर यहाँ उसे सिर्फ़ धूम्रपान, मारपीट और गैंगबाज़ी दिखती है। उसकी दोस्ती मनीष तिवारी और सोनम वर्मा से होती है। जब रोहित मल्होत्रा मनीष को अपमानित कर देता है और वह कूद जाता है, तो आदित्य भड़क उठता है और अपनी ताकत दिखाता है। जल्द ही उसे पता चलता है कि सबके पीछे गैंग लीडर करण चौहान है, और दोनों के बीच अंतिम भिड़ंत तय हो जाती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

चश्मे वाले लड़के का राज

इस पूरे हंगामे में चश्मे वाला लड़का सबसे अलग लग रहा है। जब सब डरे हुए हैं या बेहोश हैं, वह इतना शांत कैसे खड़ा है? उसकी आँखों में एक अलग ही चमक है। लगता है स्कूल का शेर आदित्य में वह कोई खास किरदार निभा रहा है जो इस सबके पीछे की सच्चाई जानता है। उसका हर एक्सप्रेशन गहराई से सोचने पर मजबूर करता है।

डर और हैरानी का मिश्रण

जिस लड़के के गाल पर चोट के निशान हैं, उसका डरा हुआ चेहरा देखकर सहानुभूति होती है। वह बार-बार पीछे मुड़कर देख रहा है, जैसे कोई खतरा पीछा कर रहा हो। स्कूल का शेर आदित्य ने इस सीन में इमोशन को बहुत अच्छे से पकड़ा है। कैफेटेरिया की खाली कुर्सियां और बिखरे हुए छात्र एक डरावना दृश्य पेश कर रहे हैं जो दर्शक को बांधे रखता है।

एक्शन से भरपूर मोड़

अचानक जो एक्शन हुआ, उसने सबकी सांसें रोक दीं। एक लड़के को हवा में उछालकर पटक दिया गया, यह दिखाता है कि यहाँ साधारण लड़ाई नहीं हो रही। स्कूल का शेर आदित्य में एक्शन सीन्स की कोरियोग्राफी बहुत दमदार है। ज़मीन पर गिरने की आवाज़ और दूसरों की चीखें माहौल को और भी तनावपूर्ण बना देती हैं।

दोस्तों की चिंता

जब बाकी छात्र होश में आते हैं और अपने दोस्तों को ज़मीन पर पड़ा देखते हैं, तो उनके चेहरे पर जो घबराहट है, वह बहुत असली लगती है। वे एक-दूसरे को सहारा दे रहे हैं। स्कूल का शेर आदित्य में दोस्ती और मुसीबत के समय एकजुट होने का जज़्बा बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। यह सीन दिल को छू लेता है।

शांत चेहरे के पीछे का तूफान

चश्मे वाले लड़के का चेहरा बिल्कुल पत्थर जैसा है। न डर, न घबराहट। वह सब कुछ बहुत बारीकी से देख रहा है। लगता है स्कूल का शेर आदित्य में वह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है या फिर वह सबको बचाने वाला हीरो है। उसकी चुप्पी सबसे ज़्यादा शोर मचा रही है और दर्शक के मन में सवाल पैदा कर रही है।

कैफेटेरिया बना युद्धक्षेत्र

आम तौर पर कैफेटेरिया हंसी-मज़ाक की जगह होती है, लेकिन यहाँ तो माहौल युद्धक्षेत्र जैसा है। टूटी हुई चीज़ें और बेहोश पड़े छात्र यह बताते हैं कि यहाँ कुछ बहुत भयानक हुआ है। स्कूल का शेर आदित्य ने एक सामान्य जगह को इतना डरावना बनाकर दिखाया है कि अब कैफेटेरिया देखकर ही डर लगेगा। सेट डिज़ाइन बहुत प्रभावशाली है।

डायलॉग बिना ही कहानी

इस क्लिप में शायद ही कोई डायलॉग हो, लेकिन एक्टर्स के एक्सप्रेशन और बॉडी लैंग्वेज ने पूरी कहानी कह दी है। डर, गुस्सा, हैरानी और शांति, सब कुछ चेहरों पर साफ़ दिख रहा है। स्कूल का शेर आदित्य की यह खूबी है कि यह बिना ज़्यादा बोले भी अपनी बात कहने में कामयाब रहता है। यह विजुअल स्टोरीटेलिंग का बेहतरीन उदाहरण है।

अगले एपिसोड का इंतज़ार

यह क्लिप देखकर मन में बस एक ही सवाल है कि आखिर हुआ क्या? कौन था हमलावर और चश्मे वाला लड़का क्या करेगा? स्कूल का शेर आदित्य ने क्लिफहैंगर का बहुत अच्छा इस्तेमाल किया है। अब अगला एपिसोड देखने की बेचैनी बढ़ गई है। उम्मीद है जल्द ही सारे राज़ खुलेंगे और हमें पता चलेगा कि इस स्कूल में असली शेर कौन है।

नेटशॉर्ट पर नया पसंदीदा

नेटशॉर्ट ऐप पर इतनी अच्छी क्वालिटी की वेब सीरीज़ मिलना सुकून देने वाला है। स्कूल का शेर आदित्य की कहानी, एक्टिंग और प्रोडक्शन वैल्यू सब कुछ टॉप नॉच है। यह क्लिप देखकर ही समझ आ जाता है कि यह सीरीज़ क्यों इतनी लोकप्रिय हो रही है। हर एपिसोड के बाद उत्सुकता बढ़ती जाती है। यह मेरा नया पसंदीदा शो बन गया है।

कैफेटेरिया का खौफनाक नज़ारा

वीडियो की शुरुआत देखकर ही रोंगटे खड़े हो गए। इतने सारे छात्र ज़मीन पर बेहोश पड़े हैं और माहौल में एक अजीब सी खामोशी है। स्कूल का शेर आदित्य का यह एपिसोड सस्पेंस से भरा हुआ है। जो लड़का चश्मे में है, उसकी शांत मुद्रा बाकी सबके डर के विपरीत है, जो बताता है कि कहानी में कुछ बड़ा होने वाला है।