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स्कूल का शेर आदित्यवां16एपिसोड

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स्कूल का शेर आदित्य

अपराध दुनिया छोड़कर आदित्य यादव पढ़ाई के लिए पूर्वनगर के लिली हाई स्कूल आता है, पर यहाँ उसे सिर्फ़ धूम्रपान, मारपीट और गैंगबाज़ी दिखती है। उसकी दोस्ती मनीष तिवारी और सोनम वर्मा से होती है। जब रोहित मल्होत्रा मनीष को अपमानित कर देता है और वह कूद जाता है, तो आदित्य भड़क उठता है और अपनी ताकत दिखाता है। जल्द ही उसे पता चलता है कि सबके पीछे गैंग लीडर करण चौहान है, और दोनों के बीच अंतिम भिड़ंत तय हो जाती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

फाइट सीन्स की धांसू कोरियोग्राफी

रात वाले सीन में आदित्य ने जो फाइटिंग की, वो किसी एक्शन मूवी से कम नहीं थी। एक के बाद एक दुश्मनों को पटकना और फिर उस जंगली हंसी के साथ खड़ा होना, ये सीन दर्शकों को बांधे रखता है। खासकर जब वो जमीन पर पड़े लड़के को पकड़कर धमकाता है, तो लगता है कि आदित्य अब रुकने वाला नहीं है। स्कूल का शेर आदित्य ने एक्शन के मामले में बहुत उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

क्या ये सब एक नाटक था?

जब आदित्य क्लासरूम में वापस आता है और अपने दोस्तों के साथ मस्ती करता है, तो सवाल उठता है कि क्या रात वाली लड़ाई सच थी या फिर ये सब उसका कोई प्लान था? उसका फोन चेक करना और फिर मुस्कुराना ये साबित करता है कि वो सब कुछ सोच-समझकर कर रहा है। स्कूल का शेर आदित्य की कहानी में ये ट्विस्ट बहुत ही दमदार है। लगता है आदित्य सिर्फ लड़ने के लिए नहीं, बल्कि कुछ बड़ा हासिल करने के लिए ये सब कर रहा है।

आदित्य का अहंकार चरम पर

क्लासरूम में आदित्य का व्यवहार देखकर लगता है कि उसे अपनी ताकत पर बहुत घमंड हो गया है। वो अपने ही दोस्तों को धक्का देता है और सबके सामने अपनी ताकत का प्रदर्शन करता है। ये अहंकार शायद उसके पतन का कारण बनेगा। स्कूल का शेर आदित्य में ये दिखाया गया है कि कैसे पावर हेड हो जाती है। आदित्य की ये स्माइल और अकड़ बता रही है कि अब वो कंट्रोल से बाहर हो सकता है।

दोस्ती या दुश्मनी?

आदित्य और उसके दोस्तों के बीच का रिश्ता अब कन्फ्यूजिंग हो गया है। एक तरफ वो रात को अकेले लड़ता है और दूसरी तरफ क्लासरूम में अपने दोस्तों के साथ मस्ती करता है। लेकिन जब वो बाहर जाता है और फिर से लड़ाई में फंस जाता है, तो लगता है कि उसकी ये दुनिया कभी शांत नहीं होगी। स्कूल का शेर आदित्य में ये रिश्ते बहुत जटिल होते जा रहे हैं। क्या उसके दोस्त उसका साथ देंगे या फिर वो भी उसके खिलाफ हो जाएंगे?

सिनेमेटोग्राफी ने जान डाल दी

रात के सीन्स में जो नीली और हरी लाइटिंग का इस्तेमाल किया गया है, वो माहौल को बहुत ही डरावना और रहस्यमयी बना देती है। आदित्य का चेहरा जब उस लाइट में चमकता है, तो वो और भी खतरनाक लगता है। वहीं, दिन के सीन्स में ब्राइट लाइटिंग उसकी नॉर्मल लाइफ को दिखाती है। स्कूल का शेर आदित्य की विजुअल स्टोरीटेलिंग बहुत ही शानदार है। कैमरा एंगल्स ने हर इमोशन को परफेक्टली कैप्चर किया है।

आदित्य का डबल रोल

आदित्य का किरदार दो अलग-अलग दुनिया में जी रहा है। एक तरफ वो एक साधारण स्टूडेंट है जो क्लासरूम में मस्ती करता है, और दूसरी तरफ वो एक खूंखार फाइटर है जो रात के अंधेरे में अपने दुश्मनों का सामना करता है। स्कूल का शेर आदित्य में ये डबल लाइफ जीना उसके लिए कितना मुश्किल होगा, ये देखना दिलचस्प होगा। उसकी आंखों में जो दर्द और गुस्सा है, वो बता रहा है कि उसके पास कोई बड़ी वजह है ऐसा करने की।

क्लाइमेक्स की तैयारी

जब आदित्य बाहर जाता है और फिर से लड़ाई में फंस जाता है, तो लगता है कि कहानी अब क्लाइमेक्स की तरफ बढ़ रही है। उसका जमीन पर गिरना और फिर भी हार न मानना ये दिखाता है कि वो कितना जिद्दी है। स्कूल का शेर आदित्य का अगला एपिसोड बहुत ही धमाकेदार होने वाला है। आदित्य अब अपने दुश्मनों के साथ-साथ अपने अंदर के भूतों से भी लड़ रहा है।

नेटशॉर्ट पर बेस्ट सीरीज

स्कूल का शेर आदित्य नेटशॉर्ट ऐप पर अब तक की सबसे बेहतरीन सीरीज साबित हुई है। हर एपिसोड के बाद कहानी में नया ट्विस्ट आता है जो दर्शकों को हैरान कर देता है। आदित्य का किरदार इतना गहरा है कि हर बार देखने पर कुछ नया पता चलता है। एक्टिंग, डायरेक्शन और स्टोरी, सब कुछ परफेक्ट है। ये सीरीज बिल्कुल मिस नहीं करनी चाहिए।

आदित्य की जर्नी अभी शुरू हुई है

आदित्य ने अभी तक जो कुछ भी किया है, वो सिर्फ शुरुआत है। उसकी आंखों में जो चमक है, वो बता रही है कि वो अभी बहुत कुछ करने वाला है। स्कूल का शेर आदित्य की कहानी में अब तक जो ट्विस्ट आए हैं, वो तो बस झलकियां हैं। आदित्य का असली रूप और उसकी मंशा अभी सामने आनी बाकी है। दर्शकों को बस इंतजार करना है कि आदित्य आगे क्या करता है।

आदित्य का डार्क साइड

स्कूल का शेर आदित्य में जो ट्रांजिशन दिखाया गया है वो सच में रोंगटे खड़े कर देने वाला है। दिन में पढ़ाकू लगने वाला लड़का रात होते ही कैसे एक खूंखार फाइटर बन जाता है, यह देखकर हैरानी होती है। बास्केटबॉल कोर्ट पर उसकी एग्रेसिवनेस और फिर क्लासरूम में वापस आकर उसका अहंकार, सब कुछ बहुत गहराई से दिखाया गया है। आदित्य के चेहरे के भाव बता रहे हैं कि उसके अंदर बहुत कुछ चल रहा है जो हमें अभी दिखाया नहीं गया।