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स्कूल का शेर आदित्यवां18एपिसोड

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स्कूल का शेर आदित्य

अपराध दुनिया छोड़कर आदित्य यादव पढ़ाई के लिए पूर्वनगर के लिली हाई स्कूल आता है, पर यहाँ उसे सिर्फ़ धूम्रपान, मारपीट और गैंगबाज़ी दिखती है। उसकी दोस्ती मनीष तिवारी और सोनम वर्मा से होती है। जब रोहित मल्होत्रा मनीष को अपमानित कर देता है और वह कूद जाता है, तो आदित्य भड़क उठता है और अपनी ताकत दिखाता है। जल्द ही उसे पता चलता है कि सबके पीछे गैंग लीडर करण चौहान है, और दोनों के बीच अंतिम भिड़ंत तय हो जाती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

भीड़ का पागलपन

नीचे खड़ी भीड़ जिस तरह हंस रही है, वह इंसानियत के लिए शर्मनाक है। स्कूल का शेर आदित्य ने दिखाया कि कैसे भीड़ का हिस्सा बनकर इंसान अपनी संवेदनाएं खो देता है। एक लड़का तड़प रहा है और बाकी तालियां बजा रहे हैं। यह सीन देखकर गुस्सा आता है, पर यही तो असलियत है। नेटशॉर्ट पर ऐसे कंटेंट मिलना दुर्लभ है जो समाज का आईना दिखाएं।

खून से लिखी कहानी

यह कहानी खून से लिखी गई है, स्याही से नहीं। स्कूल का शेर आदित्य में हर सीन दर्दनाक है, पर इतना गहरा कि रुक नहीं सकते। जब वह लड़का खून से सना फॉर्म दिखाता है, तो लगता है जैसे उसने अपना दिल निकालकर रख दिया हो। नेटशॉर्ट पर ऐसे पावरफुल सीन देखकर कहानी से जुड़ाव और भी गहरा हो जाता है। यह सिर्फ एक शॉर्ट फिल्म नहीं, एक अनुभव है।

खिड़की वाला राजा

ऊपर खिड़की में खड़ा चश्मे वाला लड़का कितना शांत है, जबकि नीचे तबाही मची है। स्कूल का शेर आदित्य में यह कंट्रास्ट कमाल का है। लगता है वही सबका मास्टरमाइंड है। उसकी आंखों में कोई पछतावा नहीं, बस एक अजीब सी मुस्कान है। जब वह हाथ उठाता है, तो लगता है जैसे किसी अदृश्य धागे से कठपुतलियां नाच रही हों। यह साइकोलॉजिकल थ्रिलर से कम नहीं है।

हंसी में छिपा खून

नीचे खड़े लड़के जिस तरह हंस रहे हैं, वह हंसी नहीं, पागलपन है। स्कूल का शेर आदित्य ने दिखाया कि कैसे भीड़ का हिस्सा बनकर इंसान बेरहम हो जाता है। एक लड़का जमीन पर तड़प रहा है और बाकी तालियां बजा रहे हैं। यह सीन देखकर गुस्सा आता है, पर यही तो असलियत है। नेटशॉर्ट पर ऐसे कंटेंट मिलना दुर्लभ है जो समाज का आईना दिखाएं।

लाइब्रेरी वाला सन्नाटा

जब लाइब्रेरी में वह लड़का और लड़की खड़े होते हैं, तो सब कुछ शांत लगता है, पर उनकी आंखों में तूफान है। स्कूल का शेर आदित्य में यह सीन बताता है कि कैसे कुछ लोग चुपचाप सब देख रहे होते हैं। लड़की की आंखों में आंसू हैं, पर वह कुछ नहीं कह पा रही। यह चुप्पी चीख से ज्यादा दर्दनाक है। नेटशॉर्ट पर ऐसे इमोशनल सीन देखकर मन भर आता है।

फॉर्म पर खून के धब्बे

वह फॉर्म जिस पर खून के धब्बे हैं, वह सिर्फ कागज नहीं, एक इंसान की तोड़ी हुई उम्मीदों का सबूत है। स्कूल का शेर आदित्य में यह डिटेिल बहुत गहरी है। जब वह लड़का उसे ऊपर दिखाता है, तो लगता है जैसे वह चीख रहा हो - देखो, यह तुम्हारी करतूत है। यह सीन देखकर आंखें नम हो जाती हैं। नेटशॉर्ट पर ऐसे पावरफुल मोमेंट्स मिलना दुर्लभ है।

मास्टरमाइंड की मुस्कान

चश्मे वाला लड़का जब मुस्कुराता है, तो लगता है जैसे शैतान ने अपना चेहरा दिखा दिया हो। स्कूल का शेर आदित्य में उसका किरदार सबसे डरावना है। वह न तो मारता है, न चिल्लाता है, बस खड़ा होकर सब देखता है। उसकी खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचाती है। नेटशॉर्ट पर ऐसे विलेन देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। यह एक्टिंग कमाल की है।

जमीन पर पड़ा सपना

जब वह लड़का जमीन पर गिरता है, तो लगता है जैसे उसका सपना टूट गया हो। स्कूल का शेर आदित्य में यह सीन दिल दहला देता है। उसके चेहरे पर दर्द नहीं, हार दिख रही है। बाकी लड़के उस पर हंस रहे हैं, पर वह कुछ नहीं कर पा रहा। यह असहायता देखकर मन भर आता है। नेटशॉर्ट पर ऐसे इमोशनल सीन देखकर कहानी से जुड़ाव बढ़ जाता है।

खिड़की से झांकती आंखें

ऊपर खिड़की से झांकती आंखें सब कुछ देख रही हैं, पर कुछ नहीं कर रहीं। स्कूल का शेर आदित्य में यह सीन बताता है कि कैसे कुछ लोग गवाह बनकर रह जाते हैं। लड़की की आंखों में मदद करने की चाह है, पर डर उसे रोक रहा है। यह द्वंद्व बहुत गहरा है। नेटशॉर्ट पर ऐसे लेयर्ड किरदार देखकर कहानी और भी दिलचस्प हो जाती है।

खून से सना आवेदन फॉर्म

स्कूल का शेर आदित्य में यह सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए। जब वह लड़का खून से सना फॉर्म दिखाता है, तो लगता है जैसे किसी ने दिल चीर दिया हो। ऊपर खड़ी लड़की की आंखों में डर और नीचे खड़े लड़कों की हंसी में पागलपन साफ दिख रहा है। यह सिर्फ बुलींग नहीं, बल्कि इंसानियत का कत्ल है। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखकर मन भारी हो जाता है, पर कहानी इतनी गहरी है कि रुक नहीं सकते।