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स्कूल का शेर आदित्यवां8एपिसोड

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स्कूल का शेर आदित्य

अपराध दुनिया छोड़कर आदित्य यादव पढ़ाई के लिए पूर्वनगर के लिली हाई स्कूल आता है, पर यहाँ उसे सिर्फ़ धूम्रपान, मारपीट और गैंगबाज़ी दिखती है। उसकी दोस्ती मनीष तिवारी और सोनम वर्मा से होती है। जब रोहित मल्होत्रा मनीष को अपमानित कर देता है और वह कूद जाता है, तो आदित्य भड़क उठता है और अपनी ताकत दिखाता है। जल्द ही उसे पता चलता है कि सबके पीछे गैंग लीडर करण चौहान है, और दोनों के बीच अंतिम भिड़ंत तय हो जाती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बदलाव की शुरुआत

जब आदित्य ने बैट छीनी और बदले में पैसे दिए, तो लगा कहानी पलट गई। स्कूल का शेर आदित्य ने साबित किया कि ताकत मुट्ठियों में नहीं, इरादों में होती है। वो लड़का जो डरा हुआ था, अब आँखों में आग लिए खड़ा है। ये सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए।

अंतरिक्ष का सपना

एस्ट्रोनॉट की ड्राइंग और वो खत... आदित्य के सपने कितने बड़े हैं और हकीकत कितनी कड़वी। स्कूल का शेर आदित्य की ये कहानी हर उस बच्चे की है जिसे दुनिया ने नीचा दिखाया। नेटशॉर्ट ऐप पर मिली ये सीरीज मेरी फेवरेट बन चुकी है, बिल्कुल रियल लगता है सब।

दोस्ती या मजबूरी?

वो लड़का जो बैट लेकर आया था, उसकी आँखों में डर और फिर आदित्य के सामने झुक जाना। स्कूल का शेर आदित्य ने बिना एक शब्द कहे सबको सबक सिखा दिया। क्लासरूम का वो माहौल और टेंशन कमाल की थी। ऐसे ड्रामे ही तो असली जीवन जैसे लगते हैं।

खामोश चीख

आदित्य की खामोशी सबसे बड़ी चीख थी। जब सब उसे घेरकर फोटो खींच रहे थे, तब भी वो टूटा नहीं। स्कूल का शेर आदित्य की ये चुप्पी मुझे सबसे ज्यादा चुभ गई। नेटशॉर्ट पर ऐसे किरदार देखकर लगता है कि कहानीकारों ने मेहनत की है।

पैसे का खेल

बुलीज़ से पैसे वापस लेना और उन्हें वापस करना, ये आदित्य का अंदाज था अपनों को शर्मिंदा करने का। स्कूल का शेर आदित्य ने दिखाया कि इज्जत खरीदी नहीं जा सकती। वो लड़का जो पैसे गिन रहा था, उसका चेहरा देखने लायक था।

कैंटीन का सन्नाटा

कैंटीन में आदित्य और उस लड़के का आमना-सामना। कोई बात नहीं हुई, बस नज़रें मिलीं। स्कूल का शेर आदित्य की ये चुप्पी शोर से ज्यादा बोल रही थी। नेटशॉर्ट ऐप पर ये सीन देखकर मैं भी वहीं बैठ गया था मानो। माहौल कितना भारी था।

हीरो की एंट्री

आदित्य का खड़ा होना और बैट संभालना, ये सीन किसी एक्शन मूवी से कम नहीं था। स्कूल का शेर आदित्य ने साबित किया कि हीरो वही है जो डर के आगे जीत हासिल करे। उस लीडर लड़के का घमंड चूर-चूर हो गया।

अंधेरे से उजाले की ओर

शुरुआत में आदित्य को मारा जाता है, लेकिन अंत में वो खुद खड़ा होता है। स्कूल का शेर आदित्य की ये जर्नी बहुत इंसपिरिंग है। नेटशॉर्ट पर ऐसे कंटेंट की कमी नहीं है जो दिल को छू जाए। हर एपिसोड के बाद कुछ नया मिलता है।

नज़रों का खेल

आदित्य और उस बुली लड़के के बीच की नज़रें। एक में डर था तो दूसरे में ठहराव। स्कूल का शेर आदित्य ने बिना मुक्का चलाए जंग जीत ली। ये साइकोलॉजिकल गेम देखने में बहुत दमदार था। नेटशॉर्ट ऐप का इंटरफेस भी बहुत स्मूथ है वीडियो देखने के लिए।

किताब में छिपा दर्द

आदित्य की किताब में मिली वो ड्राइंग और चिट्ठी देखकर दिल दहल गया। स्कूल का शेर आदित्य असल में कितना अकेला है, ये किसी को पता नहीं। बुलीज़ का मज़ाक और फिर वो हिम्मत जवाब दे गई। नेटशॉर्ट पर ऐसे इमोशनल मोमेंट्स देखना मेरी आदत बन गई है।