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स्कूल का शेर आदित्यवां33एपिसोड

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स्कूल का शेर आदित्य

अपराध दुनिया छोड़कर आदित्य यादव पढ़ाई के लिए पूर्वनगर के लिली हाई स्कूल आता है, पर यहाँ उसे सिर्फ़ धूम्रपान, मारपीट और गैंगबाज़ी दिखती है। उसकी दोस्ती मनीष तिवारी और सोनम वर्मा से होती है। जब रोहित मल्होत्रा मनीष को अपमानित कर देता है और वह कूद जाता है, तो आदित्य भड़क उठता है और अपनी ताकत दिखाता है। जल्द ही उसे पता चलता है कि सबके पीछे गैंग लीडर करण चौहान है, और दोनों के बीच अंतिम भिड़ंत तय हो जाती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

तीनों के बीच की खिचातानी

तीनों किरदारों के बीच की केमिस्ट्री कमाल की है। एक तरफ गुस्से में लाल सूट वाला, दूसरी तरफ डरा हुआ जैकेट वाला और बीच में फंसा वो नौकर। स्कूल का शेर आदित्य की कहानी में ये ट्रायंगल बहुत दिलचस्प मोड़ ले रहा है। जब सूट वाले ने उंगली उठाई, तो लगा जैसे बिजली गिर गई हो। ऐसे सीन बार-बार देखने को मिलते हैं, पर हर बार नया लगता है।

नौकर की बेचैनी देखकर तरस आया

वो नीली जैकेट वाला लड़का बेचारा कुछ बोलना चाहता था, पर डर के मारे रुक गया। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे किरदार अक्सर अन्याय के शिकार होते हैं। उसकी आँखों में साफ दिख रहा था कि वो सच बोलना चाहता है, पर मजबूरी उसे चुप रहने पर मजबूर कर रही है। ऐसे सीन देखकर दिल दुख जाता है और कहानी से जुड़ाव और गहरा हो जाता है।

चमड़े की जैकेट वाला क्यों डरा

चमड़े की जैकेट पहने शख्स शुरू में बहुत बोल रहा था, पर जैसे ही सूट वाले ने आवाज़ ऊंची की, वो चुप हो गया। स्कूल का शेर आदित्य में ये दिखाता है कि पावर सिर्फ कपड़ों में नहीं, बल्कि व्यक्तित्व में होती है। उसकी घबराहट और हाथों की हरकतें साफ बता रही थीं कि वो अब पछता रहा है। ऐसे मोड़ कहानी को और रोचक बना देते हैं।

कमरे का माहौल ही अलग था

पीछे की दीवार पर लगे चेहरों वाले पोस्टर और काले सोफे ने पूरे सीन को एक अलग ही डरावना अंदाज दे दिया। स्कूल का शेर आदित्य के इस एपिसोड में सेट डिजाइन ने कहानी के तनाव को और बढ़ा दिया। जब सूट वाला शख्स गुस्से में इधर-उधर देखता है, तो लगता है जैसे कमरा भी उसके साथ कांप रहा हो। ऐसे विजुअल्स कहानी को यादगार बना देते हैं।

सूट वाले की स्माइल में छिरा खतरा

जब काले सूट वाले ने आखिर में मुस्कुराते हुए कंधे पर हाथ रखा, तो लगा जैसे वो कुछ बड़ा प्लान कर रहा है। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे मोड़ अक्सर कहानी को नई दिशा देते हैं। उसकी मुस्कान में डर और धमकी दोनों थीं। नौकर वाला लड़का अब और भी ज्यादा घबरा गया है। ऐसे सीन देखकर अगले एपिसोड का इंतजार और भी बढ़ जाता है।

डायलॉग नहीं, एक्सप्रेशन बोल रहे थे

इस सीन में शायद ही कोई लंबा डायलॉग हो, पर हर किरदार के चेहरे के भाव सब कुछ बता रहे थे। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे सीन साबित करते हैं कि अच्छी एक्टिंग के लिए शब्दों की जरूरत नहीं होती। सूट वाले की गंभीरता, जैकेट वाले की घबराहट और नौकर की बेचैनी – सब कुछ आँखों से साफ पढ़ा जा सकता था। ये ही असली सिनेमा है।

कहानी में नया ट्विस्ट आने वाला है

जब सूट वाले ने नौकर के कंधे पर हाथ रखा और मुस्कुराया, तो लगा कि अब कहानी में बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे मोड़ अक्सर सब कुछ बदल देते हैं। शायद अब नौकर वाला लड़का ही हीरो बनने वाला है, या फिर वो किसी बड़ी साजिश का हिस्सा बन जाएगा। अगला एपिसोड देखने का इंतजार नहीं हो रहा है।

पावर डायनामिक्स का बेहतरीन नमूना

तीनों किरदारों के बीच की पावर डायनामिक्स बहुत बारीकी से दिखाई गई है। स्कूल का शेर आदित्य में ये सीन साबित करता है कि असली ताकत किसके पास है। सूट वाला शख्स बिना कुछ बोले ही सबको कंट्रोल कर रहा है, जबकि बाकी दोनों उसके इशारों पर नाच रहे हैं। ऐसे सीन देखकर लगता है कि ये सिर्फ एक ड्रामा नहीं, बल्कि असली जिंदगी का आईना है।

नेटशॉर्ट पर देखने का मजा ही अलग है

स्कूल का शेर आदित्य जैसे शो नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का मजा ही कुछ और है। हर एपिसोड में नया ट्विस्ट, नया ड्रामा और नई एक्टिंग। इस सीन में तीनों किरदारों की एक्टिंग इतनी दमदार थी कि लगा जैसे मैं भी उसी कमरे में खड़ा हूं। ऐसे शो देखकर लगता है कि भारतीय वेब सीरीज अब हॉलीवुड को भी टक्कर दे सकती है। बस ऐसे ही अच्छे कंटेंट की उम्मीद है।

सूट वाले की डांट का असर

काले सूट वाले शख्स की आवाज़ में इतना दम था कि चमड़े की जैकेट वाला तुरंत चुप हो गया। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे सीन देखकर लगता है कि असली पावर डायलॉग में नहीं, बल्कि आँखों के इशारों में होती है। उस नौकर वाले लड़के की घबराहट साफ दिख रही थी, जैसे वो किसी बड़े हादसे का गवाह बन गया हो। माहौल में तनाव इतना था कि सांस लेना भी मुश्किल लग रहा था।