PreviousLater
Close

स्कूल का शेर आदित्यवां48एपिसोड

like2.0Kchase2.1K

स्कूल का शेर आदित्य

अपराध दुनिया छोड़कर आदित्य यादव पढ़ाई के लिए पूर्वनगर के लिली हाई स्कूल आता है, पर यहाँ उसे सिर्फ़ धूम्रपान, मारपीट और गैंगबाज़ी दिखती है। उसकी दोस्ती मनीष तिवारी और सोनम वर्मा से होती है। जब रोहित मल्होत्रा मनीष को अपमानित कर देता है और वह कूद जाता है, तो आदित्य भड़क उठता है और अपनी ताकत दिखाता है। जल्द ही उसे पता चलता है कि सबके पीछे गैंग लीडर करण चौहान है, और दोनों के बीच अंतिम भिड़ंत तय हो जाती है।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

टीचर का अहंकार टूटा

वो चश्मे वाला टीचर खुद को बहुत बड़ा समझ रहा था, लेकिन आदित्य ने एक झटके में उसका अहंकार चूर-चूर कर दिया। स्कूल का शेर आदित्य की एंट्री होते ही सबकी सांसें रुक गईं। काश हर स्टूडेंट के पास इतनी हिम्मत होती कि अन्याय के खिलाफ खड़ा हो सके। यह सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए!

लड़की की चुप्पी भी बोलती है

काले ड्रेस वाली लड़की की आंखों में डर और गुस्सा दोनों साफ दिख रहे थे। स्कूल का शेर आदित्य ने जब टीचर को धक्का दिया, तो उसकी राहत भरी सांस महसूस हुई। वह कुछ बोल नहीं पाई, लेकिन उसकी खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। ऐसे किरदार कहानी को गहराई देते हैं।

कागज फाड़ने का मतलब

आदित्य ने जब वो कागज फाड़ा, तो लगा जैसे उसने सिर्फ कागज नहीं, बल्कि उस स्कूल के झूठे नियमों को भी फाड़ दिया हो। स्कूल का शेर आदित्य की हर हरकत में एक मकसद है। टीचर का चेहरा देखकर लगा कि अब वह कभी किसी को डरा नहीं पाएगा। यह पल इतिहास बन गया!

ब्राउन जैकेट वाले की हैरानी

भूरे जैकेट वाले लड़के का चेहरा देखकर लगा कि वह सब कुछ समझ गया है। स्कूल का शेर आदित्य के सामने खड़े होना आसान नहीं, लेकिन उसके साथ खड़ा होना और भी मुश्किल है। उसकी आंखों में आदित्य के लिए सम्मान और थोड़ा डर दोनों था। ऐसे दोस्त ही असली ताकत होते हैं।

फर्श पर गिरा अहंकार

टीचर जब फर्श पर गिरा, तो लगा जैसे पूरा स्कूल सिस्टम ढह गया हो। स्कूल का शेर आदित्य ने साबित कर दिया कि ताकत डंडे में नहीं, इरादों में होती है। उसकी चोट सिर्फ शारीरिक नहीं, मानसिक भी थी। अब वह कभी ऊपर नहीं उठ पाएगा। यह दृश्य दिल को छू गया!

नीली पर्दे वाली क्लास

नीले पर्दों वाली क्लास का माहौल इतना डरावना था कि लग रहा था कोई बड़ा हादसा होने वाला है। स्कूल का शेर आदित्य की एंट्री ने उस माहौल को बदल दिया। रोशनी, छायाएं, सब कुछ ड्रामेटिक था। डायरेक्टर ने हर फ्रेम में तनाव भर दिया है। देखते रह गए!

आदित्य की चुप्पी का असर

आदित्य ने कुछ नहीं कहा, बस देखा और फिर एक्शन लिया। स्कूल का शेर आदित्य की यह खामोशी सबसे ज्यादा डरावनी थी। जब वह बोला नहीं, तो सब समझ गए कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। ऐसे हीरो की जरूरत हर कहानी में होती है। चुप्पी भी एक भाषा है!

लाल बॉक्स का रहस्य

डेस्क पर रखा लाल बॉक्स क्या था? शायद वो सबूत था जो टीचर के खिलाफ इस्तेमाल हुआ। स्कूल का शेर आदित्य ने उसे छुआ तक नहीं, लेकिन उसकी मौजूदगी ही काफी थी। हर ऑब्जेक्ट कहानी का हिस्सा बन गया है। डिटेलिंग पर दाद देनी पड़ेगी!

अंत में दरवाजे की आहट

जब दरवाजा खुला और नया किरदार आया, तो लगा कहानी में नया मोड़ आने वाला है। स्कूल का शेर आदित्य अब किससे भिड़ेगा? यह सस्पेंस बना रहे। हर एपिसोड के बाद नई उम्मीदें जागती हैं। नेटशॉर्ट पर ऐसे ही शो देखने का मजा दोगुना हो जाता है!

आदित्य की आंखों में आग

स्कूल का शेर आदित्य जब गुस्से में होता है तो उसकी आंखें सब कुछ बोल देती हैं। क्लासरूम का माहौल इतना तनावपूर्ण था कि सांस लेना भी मुश्किल लग रहा था। टीचर की बेइज्जती देखकर आदित्य का धैर्य टूटना लाजिमी था। उसने जो किया वह गलत नहीं, बल्कि जरूरी था। ऐसे हीरो को सलाम!