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स्कूल का शेर आदित्यवां21एपिसोड

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स्कूल का शेर आदित्य

अपराध दुनिया छोड़कर आदित्य यादव पढ़ाई के लिए पूर्वनगर के लिली हाई स्कूल आता है, पर यहाँ उसे सिर्फ़ धूम्रपान, मारपीट और गैंगबाज़ी दिखती है। उसकी दोस्ती मनीष तिवारी और सोनम वर्मा से होती है। जब रोहित मल्होत्रा मनीष को अपमानित कर देता है और वह कूद जाता है, तो आदित्य भड़क उठता है और अपनी ताकत दिखाता है। जल्द ही उसे पता चलता है कि सबके पीछे गैंग लीडर करण चौहान है, और दोनों के बीच अंतिम भिड़ंत तय हो जाती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

गली में मिलने वाले दोस्त

आदित्य जब गली में अपने दोस्तों से मिलता है, तो उनकी बातचीत में एक अलग ही ऊर्जा है। विद्यालय का शेर आदित्य की टीम हमेशा उसके साथ खड़ी रहती है। यह दोस्ती और वफादारी का जज्बात बहुत अच्छे से दिखाया गया है। ऐसे दोस्त हर किसी के पास होने चाहिए।

विद्यालय के बाहर का झगड़ा

विद्यालय के बाहर आदित्य और उसके विरोधियों के बीच झगड़ा हो जाता है। विद्यालय का शेर आदित्य जब गुस्से में आता है तो उसकी आँखों में आग दिखती है। वह अपने दोस्तों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। यह साहसिक दृश्य बहुत ही रोमांचक है।

आदित्य का नेतृत्व

आदित्य न सिर्फ एक अच्छा बेटा है, बल्कि एक बेहतरीन नेता भी है। विद्यालय का शेर आदित्य जब अपने दोस्तों के साथ खड़ा होता है, तो सबकी नजरें उस पर होती हैं। उसकी बात सब मानते हैं और उस पर भरोसा करते हैं। यह किरदार बहुत प्रेरणादायक है।

माँ का प्यार और त्याग

आदित्य की माँ का किरदार बहुत ही दिल को छू लेने वाला है। वह बीमार होने के बावजूद अपने बेटे की चिंता करती है। विद्यालय का शेर आदित्य जब घर से निकलता है, तो माँ की आँखों में चिंता और गर्व दोनों दिखते हैं। यह माँ-बेटे का रिश्ता बहुत खूबसूरत है।

दोस्तों की वफादारी

आदित्य के दोस्त उसकी हर मुश्किल में उसके साथ खड़े रहते हैं। विद्यालय का शेर आदित्य की टीम जब एक साथ होती है, तो कोई भी उनका मुकाबला नहीं कर सकता। यह दोस्ती और वफादारी का जज्बात बहुत अच्छे से दिखाया गया है। ऐसे दोस्त हर किसी के पास होने चाहिए।

गुस्से का सही इस्तेमाल

आदित्य जब गुस्से में आता है, तो वह उसे सही दिशा में इस्तेमाल करता है। विद्यालय का शेर आदित्य अपने विरोधियों को सबक सिखाने के लिए तैयार रहता है। उसका गुस्सा सिर्फ दिखावा नहीं, बल्कि एक ताकत है। यह किरदार बहुत ही प्रभावशाली है।

विद्यालय की जिंदगी

विद्यालय की जिंदगी में आदित्य का किरदार बहुत ही दिलचस्प है। विद्यालय का शेर आदित्य न सिर्फ पढ़ाई में अच्छा है, बल्कि दोस्तों के बीच भी लोकप्रिय है। उसकी जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन वह हार नहीं मानता। यह कहानी बहुत प्रेरणादायक है।

माँ के लिए लड़ना

आदित्य अपनी माँ के इलाज के लिए कुछ भी कर सकता है। विद्यालय का शेर आदित्य जब इलाज का बिल देखता है, तो उसकी आँखों में चिंता दिखती है। वह अपनी माँ के लिए लड़ने के लिए तैयार है। यह माँ-बेटे का रिश्ता बहुत खूबसूरत है।

दोस्तों के साथ मस्ती

आदित्य और उसके दोस्तों के बीच की मस्ती और मजाक बहुत ही दिलचस्प है। विद्यालय का शेर आदित्य जब अपने दोस्तों के साथ होता है, तो उसका चेहरा खिल उठता है। यह दोस्ती और मस्ती का जज्बात बहुत अच्छे से दिखाया गया है। ऐसे पल हर किसी के पास होने चाहिए।

माँ के आँसू और बेटे का गुस्सा

आदित्य की माँ की बीमारी और इलाज का बिल देखकर दिल दहल गया। विद्यालय का शेर आदित्य जब घर से निकलता है तो उसकी आँखों में बदलाव साफ दिखता है। वो सिर्फ पढ़ाई नहीं, अब अपनी माँ के इलाज के लिए लड़ने वाला है। यह दृश्य बहुत हृदयस्पर्शी है और दर्शकों को बांधे रखता है।