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स्कूल का शेर आदित्यवां55एपिसोड

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स्कूल का शेर आदित्य

अपराध दुनिया छोड़कर आदित्य यादव पढ़ाई के लिए पूर्वनगर के लिली हाई स्कूल आता है, पर यहाँ उसे सिर्फ़ धूम्रपान, मारपीट और गैंगबाज़ी दिखती है। उसकी दोस्ती मनीष तिवारी और सोनम वर्मा से होती है। जब रोहित मल्होत्रा मनीष को अपमानित कर देता है और वह कूद जाता है, तो आदित्य भड़क उठता है और अपनी ताकत दिखाता है। जल्द ही उसे पता चलता है कि सबके पीछे गैंग लीडर करण चौहान है, और दोनों के बीच अंतिम भिड़ंत तय हो जाती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बूढ़े आदमी का पछतावा

जब वह बूढ़ा आदमी आदित्य के सामने घुटनों पर गिर गया, तो लगा जैसे वह अपने अतीत के पापों से पछता रहा हो। उसकी आंखों में आंसू थे और वह रो रहा था। यह दृश्य इतना भावुक था कि मैं भी रो पड़ा। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं।

आदित्य की चुप्पी

आदित्य की चुप्पी इतनी तीव्र थी कि लग रहा था जैसे वह उस बूढ़े आदमी को मार डालेगा। लेकिन वह चुपचाप खड़ा रहा और सिर्फ अपनी आंखों से उसे देखता रहा। यह दृश्य इतना तीव्र था कि मैं भी अपने आप को रोक नहीं पाया। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं।

बूढ़े आदमी का डर

जब वह बूढ़ा आदमी आदित्य के सामने घुटनों पर गिर गया, तो लगा जैसे वह अपने अतीत के पापों से डर रहा हो। उसकी आंखों में आंसू थे और वह रो रहा था। यह दृश्य इतना भावुक था कि मैं भी रो पड़ा। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं।

आदित्य का गुस्सा

आदित्य का गुस्सा इतना तीव्र था कि लग रहा था जैसे वह उस बूढ़े आदमी को मार डालेगा। लेकिन वह चुपचाप खड़ा रहा और सिर्फ अपनी आंखों से उसे देखता रहा। यह दृश्य इतना तीव्र था कि मैं भी अपने आप को रोक नहीं पाया। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं।

बूढ़े आदमी का पछतावा

जब वह बूढ़ा आदमी आदित्य के सामने घुटनों पर गिर गया, तो लगा जैसे वह अपने अतीत के पापों से पछता रहा हो। उसकी आंखों में आंसू थे और वह रो रहा था। यह दृश्य इतना भावुक था कि मैं भी रो पड़ा। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं।

आदित्य की चुप्पी

आदित्य की चुप्पी इतनी तीव्र थी कि लग रहा था जैसे वह उस बूढ़े आदमी को मार डालेगा। लेकिन वह चुपचाप खड़ा रहा और सिर्फ अपनी आंखों से उसे देखता रहा। यह दृश्य इतना तीव्र था कि मैं भी अपने आप को रोक नहीं पाया। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं।

बूढ़े आदमी का डर

जब वह बूढ़ा आदमी आदित्य के सामने घुटनों पर गिर गया, तो लगा जैसे वह अपने अतीत के पापों से डर रहा हो। उसकी आंखों में आंसू थे और वह रो रहा था। यह दृश्य इतना भावुक था कि मैं भी रो पड़ा। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं।

बूढ़े आदमी का डर

जब वह बूढ़ा आदमी आदित्य के सामने घुटनों पर गिर गया, तो लगा जैसे वह अपने अतीत के पापों से डर रहा हो। उसकी आंखों में आंसू थे और वह रो रहा था। यह दृश्य इतना भावुक था कि मैं भी रो पड़ा। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं।

आदित्य का गुस्सा

आदित्य का गुस्सा इतना तीव्र था कि लग रहा था जैसे वह उस बूढ़े आदमी को मार डालेगा। लेकिन वह चुपचाप खड़ा रहा और सिर्फ अपनी आंखों से उसे देखता रहा। यह दृश्य इतना तीव्र था कि मैं भी अपने आप को रोक नहीं पाया। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं।

आदित्य की आंखों में तूफान

स्कूल का शेर आदित्य में जब आदित्य ने अपनी बांहें बांधकर खड़े होकर उस बूढ़े आदमी को देखा, तो लगा जैसे वह अपने अंदर के सारे गुस्से को रोक रहा हो। उसकी आंखों में दर्द और गुस्सा दोनों थे। यह दृश्य इतना तीव्र था कि मैं भी अपने आप को रोक नहीं पाया। आदित्य का अभिनय सच में लाजवाब है।