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असली वारिस, सच्ची जीतवां27एपिसोड

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असली वारिस, सच्ची जीत

अनाथालय में पली सुस्मिता जब वर्मा परिवार की असली बेटी निकलती है, तो अपनी लैब के लिए फंडिंग पाने वापस लौटती है और आदिती वर्मा बन जाती है। घर में जय और अनन्या के तानों के बावजूद, वह अपनी प्रतिभा से सबको प्रभावित करती है। ईर्ष्या में अनन्या उसकी रिसर्च लीक करने और विस्फोटक उड़ाने की कोशिश करती है, लेकिन आदिती उसे हर बार विफल कर देती है। अंत में आदिती परिवार की असली उत्तराधिकारी बनती है और अनन्या को सजा मिलती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

सफेद पोशाक का प्रभाव

जब सफेद पोशाक वाली महिला ने कमरे में कदम रखा, तो हवा का रुख पूरी तरह बदल गया। उसकी आँखों में छिपी खास तकनीक सब कुछ बता रही थी। हर किसी का राज़ खुल रहा था। असली वारिस, सच्ची जीत का यह दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। शक्ति का संतुलन पूरी तरह पलट गया। सब हैरान थे। यह पल यादगार है।

लाल पोशाक वाला संकेत

लाल पोशाक वाले शख्स का झुकना सबसे बड़ा संकेत था। सबको लगा था वह ऊपर है, पर असलियत सामने आ गई। यह दृश्य देखकर मज़ा आ गया। कहानी में मोड़ बहुत गजब का है। हर किरदार की गहराई महसूस हुई। असली वारिस, सच्ची जीत में ऐसा बदलाव नहीं देखा था। सब कुछ अनोखा है। बहुत पसंद आया।

आँखों की जांच

नीली पोशाक वाली लड़की की घबराहट साफ दिख रही थी। जब आँखों वाली जांच शुरू हुई, तो सबके होश उड़ गए। कर्ज और स्थिति सबके सामने थी। असली वारिस, सच्ची जीत में ऐसा नाटक कम ही देखने को मिलता है। रहस्य बना हुआ है। देखने वाला बंधा रहता है। बहुत पसंद आया। देखते रहना चाहेंगे।

समारोह का तनाव

समारोह का माहौल शुरू में बहुत चमकीला था, पर फिर तनाव बढ़ गया। बुजुर्ग आदमी की बातचीत से ही लग रहा था कुछ गड़बड़ है। फिर सफेद कपड़ों वाली ने सब बदल दिया। दृश्य संयोजन बहुत शानदार हैं। कहानी की पकड़ मजबूत है। असली वारिस, सच्ची जीत का मज़ा ही अलग है। बिल्कुल देखें।

तकनीक और जीवन

तकनीक और अमीराना जीवन का मेल बहुत अच्छा लगा। आँखों के जरिए जानकारी निकालना नया विचार है। हर किसी की कमजोरी सामने आ गई। असली वारिस, सच्ची जीत का यह तरीका नया लगता है। अभिनय भी लाजवाब है। हर बारीकी पर ध्यान दिया गया है। देखने में अच्छा लगता है। सबको पसंद आएगा।

भावनात्मक गहराई

भूरे कपड़ों वाले लड़के की स्थिति देखकर तरस आया। घर में उसे कोई अहमियत नहीं दे रहा था। पर जब सच्चाई सामने आई, तो सब हैरान रह गए। भावनात्मक पक्ष बहुत मजबूत है। संवाद भी दमदार हैं। असली वारिस, सच्ची जीत में दिल जीत लिया। सब कुछ बहुत प्रभावशाली है। दिल छू गया।

मजबूरियों का खेल

पीली पोशाक वाली महिला की बेचैनी साफ झलक रही थी। उसे नया सहारा चाहिए था। कहानी में हर किरदार की अपनी मजबूरी है। असली वारिस, सच्ची जीत में यही तो खास है। यथार्थवादी अहसास आता है देखकर। सब कुछ असली लगता है। बहुत गहराई है इसमें। मज़ा आ गया। सब देखें।

भव्य प्रवेश द्वार

होटल का प्रवेश द्वार बहुत भव्य था। सबकी नजरें उस एक महिला पर थीं। जब वह चलकर आगे बढ़ी, तो सब रास्ता छोड़ने लगे। शक्ति का खेल बहुत अच्छे से दिखाया गया है। निर्माण स्तर ऊंचा है। असली वारिस, सच्ची जीत का दर्जा ऊंचा है। देखने लायक है बिल्कुल। बहुत शानदार है।

ताकत का असली चेहरा

लाल पोशाक वाले शख्स के प्रवेश ने सबको चौंका दिया। उसने झुककर सम्मान दिखाया। यह पल देखकर लगता है कि असली ताकतवर कौन है। असली वारिस, सच्ची जीत का चरमोत्कर्ष शानदार है। हर कड़ी में नया मोड़ है। मज़ा आ गया। बहुत रोमांचक लगता है सब कुछ। देखते बनता है।

उत्कृष्ट कहानी

शुरू की बहस से लेकर अंत की खामोशी तक सब कुछ उत्कृष्ट था। पर्दे पर जो जादू चल रहा था, उसे देखते ही बना रहा। कहानी की रफ्तार बहुत अच्छी है। मंच पर लगातार देखने लायक है। मज़ा आ गया। असली वारिस, सच्ची जीत बेहतरीन है। सबको देखना चाहिए। बहुत अच्छा है।