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असली वारिस, सच्ची जीतवां3एपिसोड

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असली वारिस, सच्ची जीत

अनाथालय में पली सुस्मिता जब वर्मा परिवार की असली बेटी निकलती है, तो अपनी लैब के लिए फंडिंग पाने वापस लौटती है और आदिती वर्मा बन जाती है। घर में जय और अनन्या के तानों के बावजूद, वह अपनी प्रतिभा से सबको प्रभावित करती है। ईर्ष्या में अनन्या उसकी रिसर्च लीक करने और विस्फोटक उड़ाने की कोशिश करती है, लेकिन आदिती उसे हर बार विफल कर देती है। अंत में आदिती परिवार की असली उत्तराधिकारी बनती है और अनन्या को सजा मिलती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

टूटा हुआ जेड पेंडेंट

इस दृश्य में टूटा हुआ जेड पेंडेंट सब कुछ बदल देता है। जब हूडी वाली लड़की इसे चुपचाप उठाती है, तो लगता है कि वह कुछ छिपा रही है। गुलाबी जैकेट वाली लड़की की घबराहट साफ दिख रही थी। असली वारिस, सच्ची जीत में ऐसे मोड़ देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। कैमरा फुटेज ने सच सामने ला दिया। सब लोग हैरान थे। सच सामने आ गया। यह देखकर बहुत अच्छा लगा। सबकी प्रतिक्रिया देखने लायक थी।

सीसीटीवी फुटेज का खुलासा

टीवी पर चल रहा वीडियो देखकर सबकी बोलती बंद हो गई। पिताजी का गुस्सा और माँ की चिंता साफ झलक रही थी। यह साबित करता है कि झूठ ज्यादा दिन नहीं छिपता। असली वारिस, सच्ची जीत की कहानी में यह सबसे बड़ा ट्विस्ट था। हूडी वाली लड़की की शांति भी हैरान करने वाली थी। सब चुप थे। कोई कुछ नहीं बोला। माहौल बहुत गंभीर हो गया था। सबकी सांसें रुक गई थीं।

माँ का रवैया बदला

पहले माँ गुलाबी जैकेट वाली लड़की को गले लगा रही थीं, फिर हूडी वाली को कंगन दे दिया। यह बदलाव बहुत गहरा था। हरे कंगन का मतलब शायद परिवार की जिम्मेदारी है। असली वारिस, सच्ची जीत में रिश्तों की यह खींचतान दिलचस्प लग रही है। सब कुछ इतनी जल्दी कैसे बदल गया? देखकर मजा आया। बहुत अच्छा लगा। यह मोड़ उम्मीद नहीं था। सब हैरान रह गए।

हूडी वाली लड़की की शांति

बाकी सब चिल्ला रहे थे, पर हूडी वाली लड़की बिल्कुल शांत थी। उसने टूटे हुए टुकड़े चुने और सच का सामना किया। उसकी आँखों में डर नहीं, आत्मविश्वास था। असली वारिस, सच्ची जीत में उसका किरदार सबसे मजबूत लग रहा है। वह जरूर कुछ जानती है। उसकी आँखें सब बता रही थीं। वह जीत गई। उसका धैर्य देखने लायक था। बहुत प्रभावशाली लगा।

पिताजी का गुस्सा

भूरे सूट वाले पिताजी का गुस्सा देखकर डर लग रहा था। जब उन्हें सच पता चला तो उनका चेहरा बदल गया। उन्होंने सीधे कैमरे की ओर इशारा किया। असली वारिस, सच्ची जीत में पावर डायनामिक्स बहुत तेजी से बदल रहे हैं। कौन है असली उत्तराधिकारी? यह सवाल सबके मन में है। कौन जीतेगा। यह देखना बहुत रोमांचक था। सबकी नजरें जुड़ी थीं।

गुलाबी जैकेट का झटका

गुलाबी जैकेट वाली लड़की के चेहरे पर झटका साफ दिख रहा था। उसे लगा था सब कुछ प्लान के मुताबिक है, पर कैमरे ने सब गड़बड़ कर दिया। उसकी आँखों में आँसू और डर दोनों थे। असली वारिस, सच्ची जीत में उसकी स्थिति अब कमजोर हो गई है। वह रोने वाली थी। बहुत बुरा लगा। उसकी हालत देखकर तरस आया। सब कुछ खत्म हो गया।

जय वर्मा की एंट्री

अंत में जय वर्मा की एंट्री ने माहौल और भी तनावपूर्ण कर दिया। वह तीसरा बेटा है और उसकी स्टाइल अलग है। अब खेल में नया खिलाड़ी आ गया है। असली वारिस, सच्ची जीत में अब क्या होगा? क्या वह हूडी वाली का साथ देगा? सब इंतजार कर रहे हैं। क्या होगा अब। यह नया किरदार दिलचस्प है। कहानी आगे बढ़ेगी।

लिविंग रूम का माहौल

यह विशाल लिविंग रूम और क्रिस्टल झूमर सब कुछ अमीरी दिखाता है, पर परिवार में शांति नहीं है। सब एक दूसरे को शक की नजर से देख रहे हैं। असली वारिस, सच्ची जीत की सेटिंग बहुत शानदार है। हर कोने में एक राज छिपा लगता है। देखने में बहुत अच्छा लगा। सेट शानदार है। धन और शक्ति का खेल चल रहा है।

हरे कंगन का महत्व

माँ ने हूडी वाली लड़की को हरा कंगन पहनाया। यह सिर्फ गहना नहीं, शायद अधिकार का प्रतीक है। गुलाबी जैकेट वाली यह देखकर हैरान रह गई। असली वारिस, सच्ची जीत में छोटी चीजें बड़े मतलब रखती हैं। यह कंगन सब कुछ बदल सकता है। बहुत ही रोमांचक दृश्य था। कंगन खास है। यह उपहार बहुत मायने रखता है।

आगे क्या होगा

इस एपिसोड के बाद कहानी और भी पेचीदा हो गई है। सच सामने आ गया है, पर क्या सब मानेंगे? जय वर्मा की एंट्री ने नई उम्मीदें जगाई हैं। असली वारिस, सच्ची जीत का अगला भाग देखने के लिए मैं बेताब हूँ। नेटशॉर्ट पर देखने का मजा ही अलग है। जल्दी आना चाहिए। मजा आएगा देखने में। कहानी बहुत आगे बढ़ी है।