इस ड्रामे में वो दृश्य जब नायिका ने सोया सॉस से पेंटिंग बनाई वो कमाल का था। सबकी आंखें फटी की फटी रह गईं। दादा जी का रिएक्शन देखकर मजा आ गया। असली वारिस, सच्ची जीत में ऐसे ट्विस्ट देखने को मिलते हैं जो दिल को छू लेते हैं। गुलाबी सूट वाली लड़की की जलन साफ दिख रही थी। ये कहानी बहुत गहरी है और हर एपिसोड नया सरप्राइज देता है। मुझे ये किरदार बहुत पसंद आ रहे हैं।
परिवार के खाने के दौरान इतना बड़ा ड्रामा हो जाएगा किसी को उम्मीद नहीं थी। नायिका ने बिना ब्रश के उंगली से कलाकारी दिखा दी। ये पल असली वारिस, सच्ची जीत का सबसे यादगार दृश्य बन गया है। बुजुर्ग सदस्य की तारीफ ने सबकी बोलती बंद कर दी। गुलाबी कपड़ों वाली चुपचाप बैठ गई। ऐसे सीन बार बार देखने का मन करता है। नेटशॉर्ट ऐप पर वीडियो क्वालिटी भी बहुत अच्छी है।
टेक्नोलॉजी और पारंपरिक कला का मेल बहुत अनोखा लगा। जब स्क्रीन पर वो नीली लाइट्स आईं तो लगा कुछ खास होने वाला है। असली वारिस, सच्ची जीत की प्रोडक्शन वैल्यू बहुत हाई लेवल की है। सोया सॉस और मसालों से पेंटिंग बनाना आसान नहीं है। नायिका का हुनर देखकर सब हैरान थे। ये शो सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं बल्कि कला का भी सम्मान करता है। मुझे ये कॉन्सेप्ट बहुत पसंद आया।
दादा जी का चेहरा देखने लायक था जब उन्हें वो पेंटिंग दिखाई गई। उनकी आंखों में चमक आ गई थी। असली वारिस, सच्ची जीत में इमोशनल कनेक्शन बहुत गहरा है। परिवार के बीच ये प्रतिस्पर्धा देखकर लगता है कि असली ताकत क्या होती है। नायिका ने बिना कुछ बोले सबको जवाब दे दिया। ये खामोशी सबसे बड़ा शोर थी। ऐसे किरदार निभाना आसान नहीं है। एक्टिंग बहुत नेचुरल लगी।
मरून सूट वाला लड़का नायिका को बड़ी गौर से देख रहा था। उसे भी अहसास हो गया कि वो साधारण नहीं है। असली वारिस, सच्ची जीत में रोमांस की झलक भी मिलती है। जब उसने रुमाल दिया तो लगा कि वो उसका साथ दे रहा है। ये छोटे छोटे इशारे कहानी को आगे बढ़ाते हैं। मुझे इन दोनों की जोड़ी पसंद आ रही है। आगे क्या होगा ये जानने की उत्सुकता बढ़ रही है।