PreviousLater
Close

असली वारिस, सच्ची जीतवां5एपिसोड

like2.0Kchase2.0K

असली वारिस, सच्ची जीत

अनाथालय में पली सुस्मिता जब वर्मा परिवार की असली बेटी निकलती है, तो अपनी लैब के लिए फंडिंग पाने वापस लौटती है और आदिती वर्मा बन जाती है। घर में जय और अनन्या के तानों के बावजूद, वह अपनी प्रतिभा से सबको प्रभावित करती है। ईर्ष्या में अनन्या उसकी रिसर्च लीक करने और विस्फोटक उड़ाने की कोशिश करती है, लेकिन आदिती उसे हर बार विफल कर देती है। अंत में आदिती परिवार की असली उत्तराधिकारी बनती है और अनन्या को सजा मिलती है।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

रात का खौफनाक सच

रात के उस दूरभाष संवाद ने सब कुछ बदल दिया। गुलाबी पोशाक वाली लड़की की आंखों में डर साफ दिख रहा था। जब उसने घड़ी में दस बजे का समय देखा, तो लगा कोई बड़ी साजिश रची जा रही है। असली वारिस, सच्ची जीत में ऐसे मोड़ देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। क्या वह अकेली है इस जंग में? हर पल संदेह बढ़ता जाता है। रात का सन्नाटा और भी गहरा लग रहा था।

समारोह में तनाव

समारोह का माहौल देखकर ही लगता है कि यहाँ सिर्फ खुशियां नहीं, बल्कि प्रतिद्वंद्विता भी है। नीली पोशाक वाली महिला के आगमन ने सबकी नजरें खींच लीं। गुलाबी परी थोड़ी घबराई हुई लग रही थी। असली वारिस, सच्ची जीत की कहानी में यह समारोह किसी युद्ध के मैदान से कम नहीं लग रहा था। सबके चेहरे पर नकाब थे। कोई किसी का सच्चा साथी नहीं लग रहा था।

निहाल का रौब

निहाल मेहता का आगमन धमाकेदार था। लाल लिबास में वह सबका ध्यान खींच रहे थे। लेकिन उनकी नजरें सिर्फ एक ही व्यक्ति पर टिकी थीं। क्या यह प्यार है या कोई खेल? असली वारिस, सच्ची जीत में हर किरदार की अपनी मजबूरी है। उसकी बातों में एक अलग ही अकड़ थी जो सबको चुनौती दे रही थी। उसकी आवाज में भी एक अलग ही गूंज थी।

शराब का नाटक

शराब गिरने वाला दृश्य बहुत ही नाटकीय था। धीमी गति में दिखाया गया कि कैसे एक नौकर ने जानबूझकर ऐसा किया। नीली रानी हैरान रह गई। गुलाबी पोशाक वाली लड़की के चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कान थी। असली वारिस, सच्ची जीत में ऐसे पल ही तो दर्शकों को बांधे रखते हैं। बदले की आग धीरे-धीरे सुलग रही थी। सबकी सांसें थम सी गई थीं।

मां का आशीर्वाद

मां और बेटी के बीच का संवाद बहुत भावुक था। बूढ़ी महिला अपनी बेटी को समझा रही थीं कि दुनिया कैसी है। गुलाबी परी को सख्त होना होगा। असली वारिस, सच्ची जीत में परिवार का समर्थन सबसे बड़ी ताकत है। उनकी आंखों में आंसू थे लेकिन हौसला बुलंद था। यह रिश्ता दिल को छू गया। मां का आशीर्वाद ही उसकी ढाल है।

महल का रहस्य

महलनुमा घर और सजावट देखकर ही अमीरी का अंदाजा होता है। लेकिन इस दौलत के पीछे छिरे राज क्या हैं? नीली पोशाक वाली महिला को लगता है वह सब जानती है। असली वारिस, सच्ची जीत की पटकथा में हर जगह सुराग बिखरे हैं। क्या यह बंगला किसी रहस्य को छिपाए हुए है? माहौल बहुत रहस्यमयी था। दीवारों के भी कान होते हैं यहाँ।

धैर्य की जीत

दोस्तों के बीच की चुगली और कानाफूसी साफ सुनाई दे रही थी। सब गुलाबी पोशाक वाली लड़की के बारे में बातें कर रहे थे। लेकिन वह सब सहन कर रही थी। असली वारिस, सच्ची जीत में धैर्य ही सबसे बड़ा हथियार है। उसकी खामोशी शोर से ज्यादा भारी थी। अंत में जीत उसी की होगी जो रुका। सब्र का फल मीठा होता है।

दोस्त या दुश्मन

भूरे लिबास वाले लड़के की हरकतें भी संदेह के घेरे में हैं। वह गुलाबी परी के पास गया और कुछ कहा। क्या वह दोस्त है या दुश्मन? असली वारिस, सच्ची जीत में किसी पर भरोसा करना मुश्किल है। हर चेहरे के पीछे एक दूसरा चेहरा छिपा है। उसकी आंखों में चालाकी साफ झलक रही थी। वह कुछ छिपा रहा है।

अंतिम मुस्कान

अंत में वह मुस्कान सब कुछ बता गई। गुलाबी पोशाक वाली लड़की हारी नहीं, बल्कि जीतने वाली है। नीली रानी को झटका लगा। असली वारिस, सच्ची जीत का अंत बहुत ही शानदार होने वाला है। यह मुस्कान किसी चेतावनी से कम नहीं थी। अब खेल असली मोड़ पर आ खड़ा हुआ है। तैयार रहिए बड़े धमाके के लिए।

शानदार पटकथा

इस धारावाहिक को देखना एक अलग ही अनुभव है। हर कड़ी में नया मोड़। असली वारिस, सच्ची जीत ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। किरदारों का अभिनय लाजवाब है। खासकर वह शराब वाला दृश्य यादगार बन गया। आगे क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता बढ़ती जा रही है। हर पल रोमांचक है।