स्लेटी कपड़े वाला व्यक्ति बहुत प्रभावशाली लग रहा है। उसकी बात सब ध्यान से सुन रहे हैं। खाने की मेज सजी है और माहौल त्योहार जैसा है। गाँव का गौरव में परिवार के रिश्तों को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। हर चेहरे पर अलग भावना है। यह दृश्य दिलचस्प है। मुझे यह पसंद आया।
लाल पोशाक वाली महिला की चमक सब पर भारी है। वह शुरू में खुश लग रही थी लेकिन बाद में घबरा गई। कहानी में क्या मोड़ आएगा यह देखना बाकी है। गाँव का गौरव की कहानी में कई रहस्य छिपे हैं। अभिनय बहुत ही शानदार लग रहा है सबका। कपड़े भी बहुत सुंदर हैं।
बूढ़ी दादी की आँखों में आँसू और खुशी दोनों हैं। उनका चेहरा बहुत कुछ कह रहा है। परिवार के मिलन का यह पल भावुक कर देने वाला है। गाँव का गौरव में ऐसे पल बार बार दिल को छू लेते हैं। मुझे यह भावनात्मक दृश्य बहुत पसंद आया। उनकी उम्र का सम्मान है।
मांसल शरीर वाला व्यक्ति बहुत गुस्से में चिल्ला रहा है। उसकी आँखों में गुस्सा साफ दिख रहा है। झगड़ा बढ़ता जा रहा है और तनाव बढ़ रहा है। गाँव का गौरव में संघर्ष के दृश्य बहुत तीव्र हैं। दर्शक को बांधे रखने की क्षमता इसमें है। कार्रवाई वाला सीन है।
टूटी हुई छत और चमकदार झूमर का विरोधाभास बहुत गहरा है। यह अमीरी और गरीबी का मिश्रण दिखाता है। मंच सजावट बहुत ही बारीकी से किया गया है। गाँव का गौरव की दृश्य कथा बहुत मजबूत है। हर कोने में कुछ नया छिपा है। नज़ारा बहुत अच्छा है।