ग्रे शर्ट वाले युवक की आँखों में जो आग देखी मैंने, वह साधारण नहीं थी। जब उसने कागज पर पैर रखा, तो लगा जैसे किसी बड़े अपमान का बदला ले रहा हो। गाँव का गौरव नामक इस ड्रामे में भावनाओं का जो खेल दिखाया गया है, वह दिल को छू लेता है। हर किरदार की पीड़ा साफ झलक रही है। दर्शक भी इसमें शामिल हो जाते हैं।
जमीन पर गिरी हुई लड़की की चीख सुनकर रूह कांप गई। उसकी आँखों में बेबसी साफ दिख रही थी। गाँव का गौरव की कहानी में जिस तरह परिवार के रिश्तों को दिखाया गया है, वह बहुत ही दर्दनाक है। सफेद कार्डिगन वाली बहन का रोना किसी के भी दिल को पिघला सकता है। यह दृश्य बहुत ही हृदयस्पर्शी था।
अंत में जब वह युवक तस्वीर के सामने खड़ा हुआ, तो माहौल बहुत भारी हो गया। मोमबत्ती की रोशनी में उसका चेहरा देखकर लगा कि वह अंदर से टूट चुका है। गाँव का गौरव में दिखाई गई यह श्रद्धांजलि दृश्य बहुत ही भावुक कर देने वाला था। हर कोई अपनी आँखें पोंछता हुआ पाया गया। सच्चाई सामने आ गई।
दो युवकों के बीच जो तनाव दिखाया गया, वह हवा में तैर रहा था। ग्रे सूट वाला जमीन पर बैठा हुआ था, लेकिन उसकी हार नहीं मान रहा था। गाँव का गौरव के इस एपिसोड में संघर्ष का जो चित्रण है, वह बहुत ही तीव्र है। दर्शक भी इस झगड़े का अंत जानने के लिए बेताब हैं। कौन जीतेगा यह देखना है।
नीली जैकेट वाले बुजुर्ग के चेहरे पर जो झटका लगा, वह लाजवाब था। उनकी आँखें फटी की फटी रह गईं जब सब कुछ बदलता हुआ दिखा। गाँव का गौरव में बड़ों की भावनाओं को भी बहुत अच्छे से पिरोया गया है। उनका डर और चिंता हर किसी को महसूस हुई। अभिनय बहुत शानदार रहा।