अंतिम संस्कार के दौरान यह व्यवहार बहुत निंदनीय है। जब परिवार शोक में है, तभी विकास का नक्शा लाना कैसा? गाँव का गौरव सीरियल ने दिखाया कि कैसे लालच रिश्तों को तोड़ता है। बेटे की आँखों में आँसू और गुस्सा साफ दिख रहा था। यह दृश्य दिल को झकझोर देता है। सच में बहुत भावुक कर देने वाला सीन है। दर्शक भी इसे देखकर रो पड़ेंगे।
धूसर सूट वाले व्यक्ति की बातें बहुत कठोर लग रही थीं। उसने बिना किसी शर्म के शोक सभा में व्यवसाय की बात की। गाँव का गौरव में ऐसे पात्र दिखाते हैं जो सिर्फ पैसा समझते हैं। महिलाएं रो रही थीं और बाकी सदस्य चुपचाप खड़े थे। माहौल बहुत तनावपूर्ण था। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आ रही है क्योंकि यह असली जीवन जैसी है। सबको देखना चाहिए।
जिस लड़के ने घुटने टेके थे, उसका दर्द देखकर बुरा लगा। वह अपनी दादी या माँ को खो चुका था। तभी सामने वाला चिल्ला रहा था। गाँव का गौरव की कहानी में यह संघर्ष बहुत गहरा है। परिवार के बीच जमीन को लेकर लड़ाई होना आम बात है। अभिनय बहुत शानदार है। हर किरदार ने अपनी भूमिका बहुत अच्छी निभाई है। मैं इसका फैन बन गया हूँ।
लाल साड़ी वाली महिला का गुस्सा देखने लायक था। उसने जोर से बात की और सबको चौंका दिया। गाँव का गौरव में महिलाएं भी कमजोर नहीं हैं। उन्होंने अपनी आवाज उठाई। यह दिखाता है कि अब महिलाएं चुप नहीं बैठतीं। दृश्य की रोशनी और संगीत भी बहुत प्रभावशाली था। मुझे नेटशॉर्ट पर यह देखकर मजा आया। बहुत बढ़िया कंटेंट है।
बूढ़े व्यक्ति की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। वह सब देख रहे थे पर कुछ नहीं बोले। गाँव का गौरव में पीढ़ियों के बीच का अंतर दिखता है। पुरानी सोच और नई लालच का टकराव है। यह कहानी हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या सही है। बहुत ही गहरी और सार्थक कहानी है जो दिल को छू जाती है। हर किसी को पसंद आएगी।